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September 24, 2017
हर दिन यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। दानपात्र में खूब सिक्के डालते हैं, लेकिन इन्हें लेकर आजकल मंदिर मैनेजमेंट अजीब मुसीबत में है। दरअसल, यहां भक्त हफ्ते में करीब दो लाख रुपए के सिक्के डाल जाते हैं। अब इन्हें बदलवाने में परेशानी हो रही है। मंदिर का अकाउंट इलाहाबाद बैंक में है। मैनेजर नागेन्द्र ओझा कहते हैं कि बैंक ने पिछले कुछ दिनों से सिक्कों को जमा कराने से रोक रखा है। बैंक का कहना है कि उनके पास जगह नहीं है। सिक्कों को लेकर यही हाल कई शहरों का है। नोटबंदी के बाद जिस छोटे नोट या सिक्के के बूते लेन-देन होता रहा, अब वही अघोषित गिरावट का शिकार हैं।
बैंकों में सिक्काबंदी जैसा माहौल बन गया है। बैंक सिक्के डिपाॅजिट के तौर पर नहीं ले रहे हैं। जो ले भी रहे हैं, वे क्वाइन एक्ट-2011 के तहत हाथ बंधे होने का हवाला देते हैं।
- आरबीआई समेत कई बैंक मैनेजरों ने बताया कि 1 रु. से छोटे सिक्के 10 रु. तक और 1-10 रु. तक के सिक्के मैक्सिमम 1000 हजार तक कोई शख्स एक दिन में बैंक में जमा करा सकता है। यह नियम है।
- दूसरी तरफ आरबीआई रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक साल में सिक्के 15% बढ़ गए हैं। बैंक में जमा होने वाली रकम की तयशुदा लिमिट से 200-400 गुना ज्यादा सिक्के फुटकर बाजार के जरिए थोक कारोबारियों तक हर हफ्ते पहुंच रहे हैं।
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