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August 30, 2017
महाराष्ट्र की अहमदनगर और नंदुरबार पुलिस द्वारा जनवरी माह में पीटा एक्ट के तहत पकड़ी गई बूंदी व भीलवाड़ा जिले की 9 कंजर युवतियों को औरंगाबाद हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है. महाराष्ट्र पुलिस ने देशभर की 68 युवतियों को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने युवतियों को नारी निकेतन भेजने की जगह परिजनों के सुपुर्द कर दिया था. इस पर लगी याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने युवतियों को बाल कल्याण समिति और मानव तस्करी यूनिट की देखरेख में रखने के निर्देश दिए हैं. गौरतलब है कि महाराष्ट्र की अहमदनगर और नंदुरबार पुलिस ने जनवरी माह में पीटा एक्ट के तहत कार्रवाई के दौरान देशभर की 68 युवतियों को गिरफ्तार किया था. जिसके बाद पुलिस ने उक्त युवतियों को नारी निकेतन भेजने की बजाय परिजनों के हवाले कर दिया था. इस पर एक एनजीओ ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे. जिसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट की औरंगाबाद खंडपीठ ने अहमदनगर और नंदुरबार पुलिस को उक्त युवतियों को फिर से न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया था. इसके चलते महाराष्ट्र पुलिस बूंदी और भीलवाड़ा जिले में निवास करने वाली उक्त 9 कंजर युवतियों की तलाश कर रही थी. बूंदी पुलिस के सहयोग से उक्त 9 कंजर युवतियों को हाईकोर्ट में पेश किया गया. यहां से न्यायालय ने उक्त सभी युवतियों को बरी करते हुए उनकी देखरेख के लिए बाल कल्याण समिति और मानव तस्करी रोकथाम यूनिट को निर्देश दिए हैं. दोनों एजेंसियां सप्ताहिक रुप से उक्त युवतियों का निरीक्षण कर हाईकोर्ट को त्रैमासिक रिपोर्ट पेश करेंगी.
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