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July 13, 2017
मंत्री देवनानी ने कहा - उन्होंने स्वयं ने गृहमंत्री को हाथ मेंं दिया था पत्र। आरटीआई में जवाब मिला कि गृहमंत्री कार्यालय में ऐसा कोई पत्र ही नहीं। देवनानी ने लिखा था शिक्षक दिनेश शर्मा आत्म हत्या के मामले में जांच के लिए पत्र।
सिटी रिपोर्ट। अजमेर
शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी द्वारा गृहमंत्री को लिखे गए क्रमांक आर 1177 से संबंधित पत्र के मामले में आरटीआई में हुए खुलासे के बाद देवनानी ने मीडिया कर्मियों से कहा कि उन्होंने खुद शिक्षक दिनेश शर्मा की आत्म हत्या मामले में जांच के निवेदन का पत्र गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया के हाथों में दिया था। जब मीडिया कर्मियों ने आरटीआई से मिले जवाब के बारे में पूछा तो देवनानी ने कहा कि जिस आरटीआई अधिकरी ने ऐसा जवाब दिया है वो जिम्मेदार होगा। उन्होंने ने तो पत्र गृहमंत्री को हाथों में दिया है।
गौरतलब है कि सन 2016 में कोटपुतली के प्राज्ञपुरा क्षेत्र के दांतिल गांव की सीनियर सैंकडरी सरकारी स्कूल में कार्यालय सहायक दिनेश शर्मा द्वारा स्कूल के ही एक कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया था। मृत दिनेश शर्मा से एक सुसाइड नोट भी मिला था। इस सुसाइड नोट में दिनेश शर्मा ने शिक्षा राज्यमंत्री के निजी सचिव शिवशंकर शर्मा पर ट्रांसफर और पदोन्न्ति के लिए उससे 16 लाख 50 हजार रुपए लेने की बात कही थी। इस मामले में मंत्री देवनानी के निजी सचिव का नाम आने के बाद का नाम आने के बाद यह मामला मीडिया की सुर्खिया बनी थी।
इसी मामले में देवनानी ने 28 मई 2016 को एक विज्ञप्ति जारी कर मीडिया को बताया था कि उन्होंने गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया को पत्र लिखकर दिनेश शर्मा के आत्म हत्या करने के मामले में निष्पक्ष जांच करने का निवेदन किया था। देवनानी ने इस पत्र का क्रंमांक रामशि-2016- आर-1177 बताया था।
इसके बाद राजस्थान ब्रहाम्ण महासभा के पण्डित सुदामा शर्मा ने गृह विभाग में एक आरटीआई लगाकर यह जानना चाह कि मंत्री देवनानी के इस पत्र पर गृहमंत्री कार्यालय द्वारा क्या कदम उठाए गए। इस सवाल के जवाब में लोक सूचना अधिकारी एवं शासन उप सचिव गृह सुरक्षा विभाग ने लिखा कि उन्होनें गृहमंत्री कार्यालय में व्यक्तिश जानकारी करने पर पाया कि मंत्री देवनानी द्वारा लिखा गया इस क्रमांक का पत्र होना पाया ही नहीं गया।
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