For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 101987468
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: आयुर्वेद विभाग में आईटी के पदों के सृजन के लिए सौंपा ज्ञापन |  Ajmer Breaking News: प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक डॉ. सीमा शर्मा का अजमेर मंडल दौरा |  Ajmer Breaking News: ब्राजील से आयातित गिर गौवंश का सीमन अजमेर में उपलब्ध |  Ajmer Breaking News: मंत्री श्री रावत ने अधिकारियों को दिए त्वरित समस्या समाधान के निर्देश |  Ajmer Breaking News: हाथी खेड़ा ग्राम पंचायत को अजमेर नगर निगम सीमा में शामिल नहीं करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन, |  Ajmer Breaking News: पुष्कर में भगवान राम को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों और भ्रांतियों को दूर करने के लिये विहिप की और से इस बार पूरे देश मे भव्य राम जन्मोत्सव मनाया जा रहा है |  Ajmer Breaking News: तीर्थनगरी स्थित द्वारिकापुरी कृष्णा निवास में आज से कलश यात्रा के साथ नो दिवसीय अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ हुआ । |  Ajmer Breaking News: अजमेर डेयरी अध्यक्ष श्री रामचन्द्र चौधरी को इण्डियन डेयरी एसोसिएशन फैलोशिप अवार्ड मिलने पर सम्मान के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया गया । |  Ajmer Breaking News: रसद विभाग द्वारा घरेलू एलपीजी सिलेण्डरों के अवैध उपयोग की सूचना पर श्रीनगर  क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेण्डरों की धरपकड़ का अभियान चलाया गया। |  Ajmer Breaking News: जिला स्तरीय एनसीओआरडी समिति की बैठक आयोजित | 

राजस्थान न्यूज़: सुगम आवाजाही के लिए सभी सरकारी भवन बनेंगे दिव्यांग फ्रैण्डली  दिव्यांगों के 4 प्रतिशत आरक्षण पदों की पहचान के लिए बनेगी कमेटी - मुख्य सचिव

Post Views 901

June 8, 2017

जयपुर, 8 जून। मुख्य सचिव ओ.पी.मीना ने सभी विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि दिव्यांगों की सुगम आवाजाही के लिए सभी सरकारी भवनों को दिव्यांग फ्रैण्डली बनाया जाये, उन्होंने दिव्यांगों के दिव्यांग अधिकार अधिनियम के अनुसार सरकारी सेवा में 4 प्रतिशत आरक्षण के लिए एक प्रतिशत पदों की और पहचान के लिए कार्मिक विभाग को कमेटी बनाने के निर्देश दिये। मीना गुरूवार को शासन सचिवालय में भारत सरकार द्वारा जारी दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 को राज्य में क्रियान्विति किये जाने के लिए विभिन्न विभागों, निगम बोर्डों को सौंपे दायित्व की समीक्षा कर रहे थे।उन्होंने सभी विभाग में नये अधिनियम में किये गये प्रावधानों को गम्भीरता से अध्ययन कर तत्परता से लागू करने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के साथ नियमित प्रभावी मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि 21 श्रेणी के दिव्यांगजनों के पहचान करना चुनौतिपूर्ण कार्य है। इसके लिए व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण एवं विशेष विशेषज्ञों की टीम तैयार करने पर जोर दिया।उन्होंने सभी विभागों को उनके द्वारा अपेक्षित कार्यवाही जानने हेतु परिपत्र जारी करने के निर्देश दिये। सभी सरकारी भवनों में विशेष योग्यजन हेतु रैम्प, लिफ्ट, टॉयलेट, पार्किंग इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर तथा भविष्य में बनने वाले सभी सरकारी भवनों को दिव्यांगजन फ्रैण्डली बनाने पर बाईलॉज नियम बनाने पर भी जोर दिया।   मीना ने कहा कि विदेशों की तर्ज पर राज्य में भी निजी चैनलों को दिव्यांगजनों के कई योजनायें व कार्यक्रम प्रस्तुत करने हेतु लागू किया जाये। साथ ही सभी विभागों में अभाव अभियोग अधिकारी की नियुक्ति पर जोर दिया जो दिव्यांगजनों की समस्याओं का समाधान कर सके।उन्होंने शासन सचिवालय के सभी भवनों में दिव्यांगजनों हेतु सुगम आवाजाही हेतु रैम्प, टॉयलेट आदि बनवाने के भी निर्देश दिये।उन्होंने सभी सरकारी एवं निजी स्तर पर संचालित अस्पतालों में दिव्यांगजनों को निःशुल्क उपचार, जांच करने के  निर्देश दिये।बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक जैन ने पावर प्रेजेन्टेशन के माध्यम से उपस्थित सभी विभागों के अधिकारियों को भारत सरकार द्वारा जारी दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 में किये गये प्रावधानों की विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम को विभागों में प्रभावी ढंग से लागू करना है। अधिनियम की प्रति सभी विभागों को भेज दी गई है। जैन ने बताया कि 18 वर्ष की आयु के दिव्यांगजन को 16 वर्ष तक स्कूलों में निःशुल्क शिक्षा हेतु 5 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने तथा सरकारी अस्पतालों में निःशुल्क जांच व उपचार करने, दिव्यांगजनों को रोजगार के लिए कौशल प्रशिक्षण देने, जिलों में अलग से अधिकारी नियुक्त करने तथा राज्य में कल्याण के लिए फण्ड की व्यवस्था करने की जानकारी दी।उन्होंने बताया कि राज्य के सभी दिव्यांगजनों की यूनिक आई.डी. बनेगी जो पूरे देश में काम करेगी इसी प्रकार भूमि आवंटन एवं आवासीय योजनाओं में आवंटन में 5 प्रतिशत कोटा निर्धारित किया जायेगा।उन्होंने शिक्षा विभाग, गृह विभाग, उद्योग विभाग, चिकित्सा विभाग, रोजगार विभाग, खेल विभाग, पर्यटन विभाग, रीको, आपदा प्रबंधन, रोड़वेज, यातायात विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, कार्मिक विभाग, श्रम विभाग, आर.एस.एल.डी.सी., महिला एवं बाल विकास, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों को अधिनियम में दिये गये दायित्वों की जानकारी दी गयी।बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव विधि विभाग  मनोज कुमार व्यास, स्वायत्त शासन विभाग अतिरिक्त मुख्य सचिव  मुकेश शर्मा, प्रमुख शासन सचिव गृह  दीपक उप्रेति, प्रमुख शासन सचिव आई.टी.  अखिल अरोड़ा, कार्मिक विभाग शासन सचिव श्री भास्कर सावंत, उद्योग विभाग के आयुक्त  कुंजीलाल मीना, राजस्थान लोक सेवा आयोग के सचिव श्री गिर्राज कुशवाह, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के निदेशक डॉ. समित शर्मा, शिक्षा आयुक्त  आशुतोष ए.टी. पेंढणेकर, आर.एस.एल.डी.सी. आयुक्त श्री कृष्ण कुणाल, विशिष्ठ शासन सचिव वित्त श्री एस. के. सोलंकी, सचिव राजस्थान राज्य अधीनस्थ भर्ती बोर्ड मातादीन शर्मा, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक अनुप्रेरणा कुंतल सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।



© Copyright Horizonhind 2025. All rights reserved