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अजमेर न्यूज़: वर्षाकाल में हर स्थिति से निपटने के लिए अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित कर लो -शासन सचिव

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June 8, 2017

अजमेर  ।  आपदा प्रबंधन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग के शासन सचिव हेमंत कुमार गेरा ने कहा कि सभी विभाग आपसी सामंजस्य से कार्य करते हुए आने वाले वर्षाकाल में हर स्थिति से निपटने के लिए अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित कर लें, ताकि आपदा एवं बाढ़ की स्थिति में कोई कठिनाई न हों।शासन सचिव गुरूवार को संभागीय आयुक्त कार्यालय सभागार में आपदा प्रबंधन संबंधी बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विभाग आपदा की स्थिति में पूरी तरह तैयार रहे। जो विशेष उपाय एवं कमियां रह जाएं उसका डाॅक्युमेन्टेशन कर लिया जाएं ताकि अगले वर्ष कोई कठिनाई नहीं आएं। उन्होंने बताया कि गत वर्ष 1600 लोगों को प्रदेश में आपदा प्रबंधन के द्वारा ग्राउण्ड आपरेशन के तहत बचाया गया है वहीं 13 हजार लोगों को राहत केम्पों में रखा जाकर राहत प्रदान की गई है। उन्होंने कहा कि गत वर्ष के मुकाबले जो परिवर्तन हो गए है, उनकी वजह से यदि कोई आपदा की स्थिति बनती है तो उसका भी ध्यान रखा जाएं। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं के मोबाईल नम्बर का डाटा भी संग्रहित रखा जाना चाहिए ताकि आपदा की स्थिति में एक साथ एसएमएस द्वारा उन्हें सावचेत किया जा सकें।
 गेरा ने संभाग के किसी एक जिले में बाढ या अतिवृष्टि के कारण दूसरे जिलों पर पड़ने वाले प्रभावों को ध्यान में रखकर कार्य करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने संबंधित विभागों को पूर्व में ही सर्च, रेरक्यु व इवेलुएशन उपकरणों को तैयार रखने को कहा। साथ ही संबंधित विभागों में शीघ्र ही आपदा प्रबंधन के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलों में जिला स्तरीय आपदा प्रबंधन की नियमित बैठक आयोजित करने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर इवैक्युलेशन प्लान बना लें। उन्होंने कहा कि ऐसे पुराने जर्जर भवन जहां वर्षा में गिरने की संभावना हो, उन्हें पहले से ही हटा लिया जाएं। इसी प्रकार पुराने भवन जहां राहत केन्द्र के रूप से चलाये जाते रहे है, वहां सुरक्षात्मक दृष्टि से पुनः देखा जाना चाहिए, साथ ही नए चिन्हित भवन का सार्वजनिक निर्माण विभाग से सुरक्षित होने का प्रमाण पत्रा भी प्राप्त कर लिया जायें। उन्होंने खान मालिकों से भी बातचीत करते हुए वहां पानी निकासी के लिए बड़े पंप की व्यवस्था रखवाने के भी निर्देश दिए।बैठक में संभागीय आयुक्त श्री हनुमान सहाय मीना ने कहा कि आपदा प्रबंधन के सर्वाधिक महत्वपूर्ण है कि त्वरित कार्यवाही की जाए इस ओर सभी विभाग जिला कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देशों को मिनिमम रेस्पोंस टाइम में पूर्ण करना सुनिश्चित करवाएं। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग आपदा प्रबंधन संबंधी केवल आदेश ही न पारित करें बल्कि उनकी अनुपालना रिपोर्ट भी प्राप्त करें। उन्होंने प्रत्येक जिले में बाढ़ के समय दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर उन स्थानों पर चेन या रस्सी बांध कर वहंा एन सी सी, स्काउट्स या पुलिस कान्स्टेबल्स को तैनात करें जिससे उन स्थानों पर बाढ़ अतिवृष्टि के समय आमजन का प्रवेश निषिद्व किया जा सकें। बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के उप सचिव अनिल पालीवाल ने आपदा के दौरान  विभिन्न उपायों के प्रावधानों की जानकारी दी वहीं विभाग के विशेषाधिकारी  ब्रिजेन्द्र सिंह ने स्लाइड प्रदर्शन के माध्यम से प्रत्येक विभाग द्वारा की जाने वाली पूर्व तैयारी की जानकारी दीबैठक में जल ग्रहण विकास विभाग, जे डी ए, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, पीडब्लूडी, डिस्कॅाम जिला रसद अधिकारी, सिविल डिफेन्स विभाग , आर्मी ने अपने विभागों से संबंधित आपदा प्रबंधन की तयारियों की जानकारी व समस्या से अवगत करवाय बैठक में जिला कलक्टर अजमेर गौरव गोयल, जिला कलक्टर टौंक सुबेसिंह यादव, जिला कलक्टर भीलवाड़ा मुक्तानंद अग्रवाल, अति.जिला कलेक्टर नागौर, नगर निगम के आयुक्त  हिमांशु गुप्ता, अतिरिक्त संभागीय आयुक्त सहित समस्त संबधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


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