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June 5, 2017
बीजिंग- चीन के पुरातत्वविदों ने करीब एक हजार साल से गायब प्रसिद्ध फुगान मंदिर को दक्षिण पश्चिम प्रांत सिचुआन में खोज निकाला है। इस खोज से उस दौर में बौद्ध धर्म के प्रसार के बारे में अध्ययन करने में मदद मिल सकती है। प्रांतीय राजधानी चेंगदू के मध्य हिस्से में स्थित फुगान मंदिर काफी प्रसिद्ध था। यह ईस्टर्न जिन वंश (साल 317-420) से लेकर सदर्न सांग वंश (साल 1127-1279) के दौर तक अस्तित्व में था। तांग वंश 618-907 के प्रसिद्ध भिक्षु दाओजुआन ने लिखा था कि सूखे को खत्म करने और बारिश के लिए मंदिर के सामने पूजा की जाती थी। अगर स्वर्ग तक प्रार्थनाएं पहुंच जाती थीं तब बारिश होती थी।यह कहानी बताती है कि इस मंदिर का नाम फुगान क्यों रखा गया। इस शब्द मतलब आशीर्वाद मिलना है। तांग वंश के प्रसिद्ध कवि लुई यूशी ने इस मंदिर पर कविता भी लिखी थी। इसमें उन्होंने उस दौर में मंदिर के महत्व का बखान किया था। हालांकि तांग और सांग वंश के अंतिम दौर में युद्ध के दौरान इस मंदिर का नामोनिशान तक मिट गया था।पुरातत्वविदों ने खोदाई में एक हजार से ज्यादा पत्थर की तख्तियां निकाली हैं। इन पर बौद्ध लिपि अंकित है। इसके अलावा 500 से ज्याद पत्थर से निर्मित मूर्तियां और दूसरी चीजें मिली हैं। खोदाई अभियान का नेतृत्व करने वाले यी ली ने कहा, हमने अभी मंदिर के सिर्फ एक हिस्से को ही निकाला है। मंदिर की नींव, आसपास की इमारतों के खंडहर कुएं और सड़कें मिली हैं।
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