Post Views 791
June 5, 2017
रिपोर्ट- जिंदगी के खूबसूरत लम्हों को तस्वीरों में कैद करके रखना हर किसी का शौक होता है। खासतौर पर जब उन लम्हों में प्राकृतिक सौंदर्य का आकर्षण झलक रहा हो। लेकिन स्विट्जरलैंड में एक गांव ऐसा है जहां लोगों का यह शौक अब कभी पूरा नहीं हो पाएगा।स्विट्जरलैंड का बर्गन गांव अपनी खूबसूरती के चलते पूरी दुनिया में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां की ग्राम संस्था ने हाल ही में एक ऐसा फरमान जारी किया है, जिससे पर्यटक काफी निराश हो सकते हैं। दरअसल गांव की संस्था ने इलाके में फोटोग्राफी को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है। मेजबान ग्राम संस्था का कहना है कि वैज्ञानिक रूप से साबित हुआ है कि सोशल मीडिया पर छुट्टियों की खूबसूरत तस्वीरें उन लोगों को नाखुश करती हैं जो उस जगह पर घूमने के लिए नहीं जा पाते हैं। इसी वजह से एक नए कानून के जरिए यहां फोटोग्राफी को प्रतिबंधित किया गया है।
फोटो खींचने पर लगेगा जुर्मानाग्राम संस्था के नए कानून के मुताबिक यदि कोई पर्यटक यहां की खूबसूरती को कैमरे में कैद करता हुआ पाया गया तो उसे 5 यूरो यानी करीब 360 रुपये का जुर्माना देना होगा। बर्गन के मेयर पीटर नेकोले का कहना है कि यहां के निवासी पर्यटकों का दिल से स्वागत करते हैं लेकिन यहां की खूबसूरती को कैमरे में चुराकर ले जाने पर सख्त ऐतराज करते हैं। बताते चलें कि यहां कि पर्यटक कार्यालय ने इसके फेसबुक और ट्िवटर अकाउंट से भी सभी तस्वीरों को डिलीट कर दिया है। इसके अलावा बर्गन की सभी आधिकारिक वेबसाइटों से इसकी तस्वीरों को हटाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
कैसे बना कानून
इस नए कानून पर अब तक बहुत से लोग सवाल उठा चुके हैं। ग्राम संस्था के इस कानून को उन्होंने पब्लिसिटी स्टंट बताया। वहीं, गांव के पर्यटन निदेशक मार्क एंड्रिया बारांडन के मुताबिक नगर परिषद ने चुनाव में मिले बहुमत के आधार पर इस नए कानून को व्यवस्थित किया है। उनके अनुसार इस कानून से जुड़े ऐसे और भी कई नियम हैं जिनके बारे में अभी तक खुलासा नहीं किया गया है। एक सप्ताह के अंदर इस विषय में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि अगर पर्यटकों और स्थानीय निवासियों की प्रतिक्रियाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा। यदि भविष्य में इस कानून में किसी प्रकार के संशोधन की आवश्यकता को महसूस किया गया तो वो भी किया जाएगा।
लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस बैन को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की अब तक मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ लोग ग्राम संस्था के इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे एक प्रभावशाली कानून बता रहे हैं। वे इसे एक सशक्त कार्रवाई के रूप में देख रहे हैं। वहीं, कुछ लोग ऐसे भी हैं जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ग्राम संस्था के इस कानून की आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने इस कानून को एक भद्दे जनसंपर्क का शिकार बताया है। बहुत से लोगों ने तो इस बैन की तुलना उत्तर कोरिया में लगे प्रतिबंध से कर डाली। जबकि बर्गन टूरिस्ट बोर्ड ने अपने सभी सोशल अकाउंट के जरिए लोगों को बताया कि वो अपने खूबसूरत गांव और पर्यटकों की भलाई के मद्देनजर इस कानून का समर्थन कर रहा है।
© Copyright Horizonhind 2025. All rights reserved