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June 5, 2017
रिपोर्ट- संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत निक्की हेली ने पेरिस जलवायु समझौते से अलग होने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विवादस्पद फैसले का बचाव किया है। मगर यह भी कहा कि अमेरिका जलवायु परिवर्तन पर रोक लगाने के लिए प्रतिबद्ध है।ट्रंप ने पेरिस समझौते से अमेरिका के बाहर होने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि 2015 के पेरिस समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धता को पूरी करने के लिए भारत और चीन को अरबों डॉलर मिलेंगे तथा अमेरिका की कीमत पर उन्हें वित्तीय लाभ मिलेगा। ट्रंप ने अमेरिका को दो अन्य देशों (सीरिया और निकारागुआ) की कतार में खड़ा कर दिया है, जिन्होंने इस समक्षौते पर हस्ताक्षर नहीं किया है जबकि इस पर 190 से अधिक देश रजामंद हुए हैं। ट्रंप के इस फैसले पर दुनियाभर से तीखी प्रतिक्रियाएं आई। विभिन्न देशों के नेताओं ने इस ऐतिहासिक समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बढ़ाने का संकल्प लिया। भारतीय मूल की वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक ने कहा, ‘अमेरिका एक क्लब से बाहर हो गया तो इसका यह मतलब नहीं है कि हम पर्यावरण की परवाह नहीं करेंगे। हेली (45) ने ट्रंप के फैसले का बचाव करते हुए कहा कि वह जानते हैं कि जलवायु में परिवर्तन हो रहा है। हेली ने कहा, ‘ट्रंप जानते हैं कि जलवायु परिवर्तन हो रहा है और अमेरिका को इसके प्रति जिम्मेदार बनना होगा। यही वह चीज है जो हम करने जा रहे हैं। पेरिस समझौते से अलग होने से जलवायु परिवर्तन पर लगाम लगाने की देश की प्रतिबद्धता नहीं बदलेगी। राष्ट्रपति ट्रंप का मानना है कि जलवायु में परिवर्तन हो रहा है और वह मानते हैं कि प्रदूषक तत्व समीकरण का हिस्सा हैं।’ उन्होंने कहा कि पेरिस समझौते के नियम कंपनियों के लिए नुकसानदेह हैं।
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