For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 101987341
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: आयुर्वेद विभाग में आईटी के पदों के सृजन के लिए सौंपा ज्ञापन |  Ajmer Breaking News: प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक डॉ. सीमा शर्मा का अजमेर मंडल दौरा |  Ajmer Breaking News: ब्राजील से आयातित गिर गौवंश का सीमन अजमेर में उपलब्ध |  Ajmer Breaking News: मंत्री श्री रावत ने अधिकारियों को दिए त्वरित समस्या समाधान के निर्देश |  Ajmer Breaking News: हाथी खेड़ा ग्राम पंचायत को अजमेर नगर निगम सीमा में शामिल नहीं करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन, |  Ajmer Breaking News: पुष्कर में भगवान राम को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों और भ्रांतियों को दूर करने के लिये विहिप की और से इस बार पूरे देश मे भव्य राम जन्मोत्सव मनाया जा रहा है |  Ajmer Breaking News: तीर्थनगरी स्थित द्वारिकापुरी कृष्णा निवास में आज से कलश यात्रा के साथ नो दिवसीय अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ हुआ । |  Ajmer Breaking News: अजमेर डेयरी अध्यक्ष श्री रामचन्द्र चौधरी को इण्डियन डेयरी एसोसिएशन फैलोशिप अवार्ड मिलने पर सम्मान के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया गया । |  Ajmer Breaking News: रसद विभाग द्वारा घरेलू एलपीजी सिलेण्डरों के अवैध उपयोग की सूचना पर श्रीनगर  क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेण्डरों की धरपकड़ का अभियान चलाया गया। |  Ajmer Breaking News: जिला स्तरीय एनसीओआरडी समिति की बैठक आयोजित | 

अंतर्राष्ट्रीय न्यूज़: GSAT-19 संग GSLV MK-3 आज होगा लॉन्च, अंतरिक्ष यात्रियों को भेजना होगा आसान -इसरो रचेगा इतिहास

Post Views 791

June 5, 2017

रिपोर्ट- देश के सबसे बड़े स्वदेशी रॉकेट जीएसएलवी एमके-3 के लॉन्च का काउंट डाउन शुरू हो चुका है। भारत का सबसे भारी यह रॉकेट संचार उपग्रह जीसैट-19 को लेकर जाएगा। इसकी कामयाबी से भविष्य में अंतरिक्ष यात्रियों को भेजने में भारत का रास्ता भी साफ हो जाएगा।

इस रॉकेट को सोमवार शाम 5 बजकर 28 मिनट पर श्रीहरिकोटा से उड़ान भरना है। इसरो ने कहा कि इसके प्रक्षेपण के लिए 25 घंटे से अधिक की उल्टी गिनती अपराह्न तीन बजकर 58 मिनट पर शुरू हुई। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व प्रमुख के. राधाकृष्णन ने कहा कि भूस्थिर उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी) एमके-3 प्रक्षेपण मील का पत्थर है। क्योंकि इसरो इसकी क्षमता 2.2-2.3 टन से करीब दोगुना 3.5-4 टन कर रहा है।  

जीएसएलवी एमके-3
इसके जरिये बड़े उपग्रहों का देश में ही प्रक्षेपण हो सकेगा
यह साधारण, बेहतर पेलोड वाला और मजबूत प्रक्षेपण यान
कुल वजन 640 टन, यह करीब 200 हाथियों के बराबर है
यह हाई स्पीड इंटरनेट सेवाएं मुहैया कराने में सक्षम है 
जीएसएलवी एमके-3 भविष्य के भारत का रॉकेट है 

इंटरनेट गति बेतहाशा बढ़ जाएगी
सोमवार को जीएसएलवी एमके-3 के जरिये उपग्रह जीसैट-19 को भी भेजा जाएगा। इसके सफल प्रक्षेपण के बाद भारत में इंटरनेट की गति में बेतहाशा वृद्धि हो जाएगी। डेढ़ साल के अंदर दो अन्य संचार उपग्रहों जीसैट-11 और जीसैट-20 को भी अंतरिक्ष में भेजने की योजना है। 

जीसैट-19
अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र, अहमदाबाद में बनाया गया है
भारत के लिए संचार क्षेत्र में क्रांति लाने वाला उपग्रह है
यह पुराने 6-7 संचार उपग्रहों के समूह के बराबर होगा
मेड इन इंडिया उपग्रह डिजिटल भारत को सशक्त करेगा
पहली बार किसी उपग्रह पर कोई ट्रांसपोंडर नहीं होगा
यह प्रति सेकंड चार गीगाबाइट डेटा देने में सक्षम होगा
लगभग 3.2 टन वजनी है, इसकी उम्र 15 वर्ष होगी

जीसैट-11 
इसका आगामी कुछ महीनों में प्रक्षेपण किया जाएगा
वजन 5.8 टन है, इसे अमेरिका की मदद से भेजा जाएगा
इस साल के आखिरी में इसे अंतरिक्ष में छोड़ा जाएगा
यह प्रति सेकंड 13 गीगाबाइट डेटा देने में सक्षम होगा 

जीसैट-20
वर्ष 2018 के अंत तक इसके प्रक्षेपण की योजना
इसका डेटा रेट 60-70 गीगाबाइट प्रति सेकंड होगा

यह मिशन महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह अब तक का सबसे भारी रॉकेट और उपग्रह है जिसे देश से छोड़ा जाना है।
एसएस किरण कुमार,  इसरो अध्यक्ष  


© Copyright Horizonhind 2025. All rights reserved