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June 2, 2017
जयपुर- पंचायत समिति डीग की ग्राम पंचायत चुल्हेरा के ग्राम भयाडी निवासी जुहरी एवं महमूदा के परिवार आपस में पड़ोसी होने के साथ-साथ काफी मेलजोल एवं भाइचारे के साथ रहते थे। इसी लगाव के चलते जुहरी ने अपनी कुछ आवासीय जमीन महमूदा को विक्रय कर दी, लेकिन आपसी विश्वास एवं सौहार्द के रहते भूमि की रजिस्ट्री न कराकर मौके का कब्जा दे दिया। इसके पश्चात् महमूदा ने मकान का निर्माण भी कर लिया। समय व्यतीत होने के पश्चात दोनों परिवारों के बीच छोटी-छोटी बातोें को लेकर दूरियां बढ़ने लगीं एवं मनमुटाव रहने लगा। दोनों परिवार एक-दूसरे के दुश्मन बन गये। इस दौरान जुहरी के मन में बेइमानी आ गयी क्योंकि उसको मालूम था कि महमूदा को बेची गयी जमीन की रजिस्ट्री नहीं करायी गयी केवल कब्जा दिया गया है। राजस्व रिकार्ड में वह भूमि अब भी उसके नाम है। इस मौके का फायदा उठाते हुए जुहरी ने महमूदा के विरुद्ध उपखण्ड न्यायालय में वाद सं. 225/15 दायर कर दिया। जिसके चलते दोनों परिवारों द्वारा ग्राम भयाडी में स्थानीय लोगों की कई बार पंचायतें भी हुई लेकिन कोई फैसला नहीं हो पाया। राजस्व लोक अदालत ‘‘न्याय आपके द्वार 2017‘‘ अभियान का शिविर ग्राम पंचायत चुल्हेरा के अटल सेवा केन्द्र पर आयोजित किया गया। जिसमें उक्त परिवाद सामने आया और दोनों पक्षों की सुनवाई की गयी। पीठासीन अधिकारी एवं राजस्व टीम ने दोनों पक्षों से अलग-अलग समझाइश की और राजस्व लोक अदालत के माध्यम से मामले के निस्तारण की सलाह दी। जिस पर दोनों पक्षों ने सहमति जाहिर की। पीठासीन अधिकारी, शिविर प्रभारी एवं उपखण्ड अधिकारी दुलीचंद मीणा ने दोनों पक्षों का राजीनामा कराते हुए आपसी सौहाद्र्ध, भाइचारे एवं ईमानदारी से रहने को कहा। जिस पर दोनों परिवारों के मुखिया ने आपस में गले मिलकर मिठाई खिलाई। एक बार फिर से दोनों परिवारों की खोई हुई मित्रता बहाल हुई और सामाजिक सामंजस्य भी बना।
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