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November 5, 2026
डेगाना (नागौर)। पंचायतराज चुनाव में वोट पड़ चुके हैं, लेकिन मतगणना में अभी 16 दिन बाकी हैं। इस बीच जिला प्रमुख और पंचायत समिति प्रधान की कुर्सी के लिए भाजपा और कांग्रेस ने अपने जीतने वाले सदस्यों को बचाए रखने की तैयारी शुरू कर दी है। भाजपा ने डेगाना और भैरूंदा पंचायत समिति क्षेत्र के अपने समर्थित प्रत्याशियों को बाड़ाबंदी में भेज दिया है, जबकि कांग्रेस ने बैठक कर दीपावली के बाद अपने प्रत्याशियों को एक जगह जुटाने पर चर्चा की है। मतगणना 20 नवंबर को होगी। तब तक सदस्यों को अपने खेमे में बनाए रखना दोनों दलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती है, क्योंकि नतीजों के बाद जिला प्रमुख और प्रधान का चुनाव इन्हीं सदस्यों के वोट से होना है।
पंचायत समिति सदस्य एक जगह, जिला परिषद सदस्य पुष्कर में
भाजपा ने अपने समर्थित जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य प्रत्याशियों को इलाके से बाहर ले जाकर ठहराया है। जानकारी के मुताबिक पंचायत समिति सदस्यों को एक जगह रखा गया है, जबकि जिला परिषद सदस्य पुष्कर में ठहरे हैं। पार्टी नेता प्रत्याशियों की गतिविधियों पर भी नजर रख रहे हैं, ताकि मतगणना से लेकर प्रधान और जिला प्रमुख के चुनाव तक कोई खेमे से बाहर न जाए।पुष्कर में ठहरे प्रत्याशियों की कुछ तस्वीरें भी सामने आई हैं। इनमें प्रत्याशी समूह में बैठकर ताश खेलते, आपस में चर्चा करते और ग्रुप फोटो खिंचवाते दिख रहे हैं। कुछ तस्वीरों में प्रत्याशी स्विमिंग पूल में नहाते भी नजर आ रहे हैं। दीपावली को देखते हुए कुछ प्रत्याशियों को घर जाने की छूट भी दी गई है।
कांग्रेस की बैठक: दिवाली के बाद सबको एक जगह ठहराने की तैयारी
कांग्रेस ने डेगाना विधानसभा क्षेत्र में पंचायत समिति सदस्यों की बाड़ाबंदी अभी औपचारिक रूप से शुरू नहीं की है। मंगलवार को पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई, जिसमें दीपावली के बाद सभी प्रत्याशियों को इकट्ठा कर किसी सुरक्षित जगह ठहराने और प्रधान चुनाव की रणनीति पर चर्चा हुई। पार्टी की कोशिश है कि मतगणना के बाद जो समीकरण बनें, उनके हिसाब से प्रधान पद पर मजबूत दावेदारी पेश की जाए।
निर्दलीयों से भी संपर्क, बहुमत के लिए जोड़-तोड़
दोनों दल अपने सदस्यों को साथ रखने में जुटे हैं, वहीं प्रधान पद के दावेदार निर्दलीय और दूसरे दलों के प्रत्याशियों से भी संपर्क कर रहे हैं। बहुमत का आंकड़ा जुटाने के लिए अंदरखाने जोड़-तोड़ शुरू हो चुकी है। 20 नवंबर को जिला परिषद और पंचायत समितियों के नतीजे आने के बाद ही जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। बाड़ाबंदी का यह सिलसिला दूसरे जिलों में भी है। अलवर में भाजपा ने जिला परिषद प्रत्याशियों को करीब 1,850 किलोमीटर दूर गुवाहाटी में ठहराया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पंचायत चुनाव में बाड़ाबंदी पर रोक लगाने की मांग कर चुके हैं।
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