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October 19, 2026
जयपुर। पूर्व सांसद रामचरण बोहरा ने कहा है कि दुनिया के अलग-अलग देशों में राजनीतिक अस्थिरता, हिंसक विरोध प्रदर्शनों और सत्ता परिवर्तन को लेकर बने हालात भारत के विपक्ष के लिए सबक हैं। उन्होंने कहा कि फ्रांस, बांग्लादेश और नेपाल में सामने आए घटनाक्रमों के बीच भारत की स्थिरता, लोकतांत्रिक व्यवस्था और नेतृत्व का महत्व और स्पष्ट होता है।बोहरा ने कहा कि देश में कांग्रेस और विपक्ष के कुछ दलों ने सत्ता की लालसा में ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की, जिससे जनता के बीच भ्रम और असंतोष को बढ़ावा मिले। उनके मुताबिक विपक्ष की राजनीति का उद्देश्य जनहित के मुद्दों का समाधान करना नहीं, बल्कि केंद्र सरकार को कमजोर करना रह गया है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, निर्णायक इच्छाशक्ति और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने वाली नीतियों ने देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं और संवैधानिक व्यवस्था में जनता का भरोसा मजबूत किया है। बोहरा के मुताबिक भारत की जनता जागरूक है और वह किसी भी राजनीतिक षड्यंत्र या भ्रामक प्रचार को सफल नहीं होने देगी।
‘विरोध विपक्ष का अधिकार, लेकिन…’
बोहरा ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार का विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर देश में भय, हिंसा और अस्थिरता का वातावरण बनाने की कोशिश स्वीकार्य नहीं हो सकती। उनके अनुसार राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द से खिलवाड़ करने वाली राजनीति को जनता समर्थन नहीं देगी।
लोकतंत्र में सरकार का विरोध करना विपक्ष का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर देश में भय, हिंसा और अस्थिरता का वातावरण बनाने की कोशिश किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती।— रामचरण बोहरा, पूर्व सांसद
‘विपक्ष नकारात्मक राजनीति छोड़े’
उन्होंने कहा कि भारत कोई कमजोर राष्ट्र नहीं है और प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश वैश्विक मंच पर आत्मविश्वास के साथ खड़ा है। बोहरा ने कहा कि विपक्ष को नकारात्मक राजनीति छोड़कर राष्ट्रहित, विकास और जनकल्याण के मुद्दों पर अपनी भूमिका निभानी चाहिए, और अराजकता के जरिए राजनीतिक लाभ उठाने की सोच रखने वालों को जनता लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगी।
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