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October 6, 2026
जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार दोपहर प्रताप नगर थाने में तैनात सहायक उप निरीक्षक (एएसआई) सुखदेव जाट को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। एसीबी के अनुसार आरोप है कि एएसआई ने एक मामले में प्रभावी पैरवी करने, आरोपी को गिरफ्तार करने और चालान पेश करने के बदले यह रकम मांगी थी। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव के अनुसार शिकायत के सत्यापन के बाद ट्रैप की कार्रवाई की गई। आरोपी से पूछताछ जारी है और एसीबी मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
शिकायत 11 अगस्त को, कार्रवाई 56 दिन बाद
एसीबी के मुताबिक परिवादिया ने 11 अगस्त को लिखित शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया कि प्रताप नगर थाने में दर्ज एक मामले की जांच एएसआई सुखदेव जाट कर रहे थे, और मदद करने तथा आरोपी को गिरफ्तार कर चालान पेश करने के एवज में रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने उसका सत्यापन कराया। एसीबी के अनुसार सत्यापन में रिश्वत की मांग सामने आने पर ट्रैप की योजना बनाई गई। शिकायत दर्ज होने और ट्रैप के बीच करीब दो महीने — 56 दिन — का अंतर रहा।
वर्दी की जेब में रखी रकम, टीम ने उसी समय पकड़ा
एसीबी के अनुसार ट्रैप के दौरान परिवादिया को 10 हजार रुपए लेकर एएसआई के पास भेजा गया। आरोप है कि एएसआई ने यह रकम ली और अपनी खाकी वर्दी की पैंट की जेब में रख ली। रकम लेते ही पहले से मौजूद एसीबी टीम ने उन्हें पकड़ लिया और कथित रिश्वत की राशि बरामद कर ली।
मामला एक नज़र में
अभी यह एसीबी की जांच का चरण है और मामले में अदालत का फैसला आना बाकी है।
एक हफ्ते में दूसरा एएसआई, कल जेईएन पकड़ी गई थीं
राजस्थान में बीते कुछ दिनों में एसीबी की ट्रैप कार्रवाइयां लगातार सामने आई हैं। 1 अक्टूबर को कोटा में एक एएसआई को 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया था, जबकि सोमवार को चिड़ावा में विद्युत विभाग की जेईएन को 15 हजार रुपए लेते गिरफ्तार किया गया।
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