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October 6, 2026
चुनाव आयोग का घेराव: दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी समेत कई दिग्गज नेता हिरासत में
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर प्रदर्शन कर रहा था 'INDIA' ब्लॉक; संसद मार्ग पर सड़क पर धरने पर बैठे सपा अध्यक्ष।
नई दिल्ली, 06 अक्टूबर 2026, विपक्षी गठबंधन 'INDIA' के भारत निर्वाचन आयोग (ECI) मुख्यालय घेराव मार्च के दौरान मंगलवार सुबह राजधानी में भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। संसद मार्ग पर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेता अभिषेक बनर्जी समेत कई शीर्ष विपक्षी नेताओं को हिरासत में ले लिया।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में विपक्षी दलों के नेताओं और सांसदों ने निर्वाचन आयोग मुख्यालय की ओर पैदल मार्च शुरू किया था। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने संसद मार्ग पर भारी सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत बैरिकेडिंग कर रखी थी। पुलिस द्वारा आगे बढ़ने से रोके जाने के बाद अखिलेश यादव अन्य विपक्षी नेताओं के साथ संसद मार्ग पर सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
धरने के दौरान मीडिया से बात करते हुए सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर तीखा हमला बोला। अखिलेश यादव ने कहा, "स्वास्थ्य साथ नहीं दे रहा है, वरना बैरिकेडिंग तोड़ देते।" उन्होंने तंज कसते हुए आगे कहा कि समाजवादी पार्टी के लोग संघर्ष और पसीने से कभी नहीं डरते, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के लोग डर जाते हैं—इसी डर की वजह से इतनी भारी बैरिकेडिंग लगाई गई है।
चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल
विपक्षी नेताओं का सीधा आरोप है कि चुनाव आयोग संविधान के दायरे में रहकर निष्पक्षता से काम करने के बजाय सत्तारूढ़ दल (BJP) के दबाव में कार्य कर रहा है। 'INDIA' ब्लॉक के नेताओं ने मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर हुई कथित धांधली को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को तुरंत पद से हटाने की मांग दोहराई है।
संसद मार्ग पर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अखिलेश यादव, अभिषेक बनर्जी और अन्य वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया तथा उन्हें पुलिस बसों में बैठाकर ले जाया गया। इस घटनाक्रम के बाद दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल तक के राजनीतिक गलियारों में हलचल काफी तेज हो गई है। विपक्षी दल इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर हमलावर हैं।
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