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June 1, 2017
जयपुर-- मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने जिला कलक्टरों का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य सरकार गरीबों, पिछड़ों, ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं सहित समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं चला रही है। इन जनहितकारी योजनाओं में राजकोष की बड़ी धनराशि खर्च की जा रही है। जिला कलक्टर यह सुनिश्चित करें कि जनता की गाढ़ी कमाई की एक-एक पाई का सदुपयोग जनहित में हो। राजे गुरुवार को कलक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन पहले सत्र में विभिन्न विभागों के प्रस्तुतीकरण के दौरान जिला कलक्टरों को संबोधित कर रही थीं। आरयूआईडीपी के कामों को जल्द पूरा करें-मुख्यमंत्री ने कहा कि आरयूआईडीपी के वरिष्ठ अधिकारी जिलों में जाकर प्रभारी मंत्री, जिला कलक्टर, संबंधित फर्म और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करें और आरयूआईडीपी के द्वितीय एवं तृतीय चरण के कार्यों को जल्द पूरा करने की ठोस कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने आरयूआईडीपी के तहत किए जा रहे पेयजल, सीवरेज, ड्रेनेज आदि कार्यों तथा स्मार्ट सिटी एवं अमृत मिशन की प्रगति पर पूरी निगाह रखने के निर्देश देते हुए कहा कि कलक्टर शहरों को पॉलीथीन मुक्त एवं खुले में शौचमुक्त बनाने पर भी पूरा फोकस करें राजे ने प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री जन आवास योजना के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कच्ची बस्तियों के परिवारों को शिफ्ट करने के लिए बनाए गए आवासों के खाली पड़े रहने पर चिंता जताई और कहा कि कच्ची बस्तियों के पुनर्वास में तेजी लाएं ताकि इन परिवारों के लिए बनाए गए आवास अनुपयोगी नहीं रहें।छात्रावासों को रेगुलर चैक करें-मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जिला कलक्टर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित आवासीय छात्रावासों का नियमित निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि इन छात्रावासों में समाज के उन तबकों के बच्चे रहते हैं जिन्हें सरकार की मदद की जरूरत है। इनके नियमित निरीक्षण से जहां वस्तुस्थिति की जानकारी होगी वहीं व्यवस्थाओं में भी सुधार आएगा। तीन जिलों से शुरू होगी मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना-कांफ्रेंस के दौरान कृषि विभाग के प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि प्रदेश के किसान गुणवत्तायुक्त बीज का उत्पादन अपने ही खेत में कर सकें, इसके लिए कोटा, भीलवाड़ा और उदयपुर के कृषि खण्डों में मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की जा रही है। मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद-बीज, कीटनाशक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इनकी आवश्यकता का अभी से आकलन कर लें ताकि किसान मानसून का लाभ उठा सकें। राजे ने कहा कि किसानों को उनकी उपज का पूरा दाम मिले इसके लिए जिला कलक्टर ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार ई-नाम पोर्टल को लोकप्रिय बनाएं। 57 लाख पेंशनरों के बैंक खातों में सामाजिक सुरक्षा पेंशन-सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि राजस्थान देश का ऎसा राज्य है जहां 57 लाख से अधिक लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन उनके बैंक खातों के जरिए दी जा रही है। वर्ष 2013-14 में प्रदेश में मात्र 4 लाख लोगों की पेंशन उनके खातों में जमा होती थी। जल्द ही शत-प्रतिशत लाभार्थियों की पेंशन उनके बैंक अकाउंट के माध्यम से दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने जिला कलक्टरों को निर्देश दिए कि वे पेंशनधारकों के वेरीफिकेशन का काम जल्द पूरा करें ताकि जरूरतमंदों को उनका वाजिब हक अविलम्ब मिल सके। पंचायतों के बाहर लगाएं फण्ड आवंटन के बोर्ड-राजे ने जिला कलक्टरों से कहा कि ग्राम पंचायतों के बाहर बोर्ड लगवाकर उस पंचायत को आवंटित किए गए फण्ड की जानकारी बोर्ड पर लिखवाएं। इससे ग्रामीणों को उनकी पंचायत के विकास के लिए सरकार द्वारा आवंटित फण्ड की जानकारी हो सकेगी और ग्रामीण विकास के कार्यों में पारदर्शिता भी आएगी। सरकार पंचायतों को विकास के लिए बड़ा बजट देती जिसके बारे में जानना ग्रामीणों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि फण्ड आवंटन के साथ-साथ ग्रामीण विकास और पंचायतीराज से जुड़ी योजनाओं की जानकारी डिस्प्ले करने के लिए शीघ्र ही पंचायतों पर इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे। राजे ने कलक्टरों को निर्देश दिए कि वे ग्रामीण आवास योजनाओं के तहत लाभार्थियों को दी जाने वाली किस्तों का सदुपयोग सुनिश्चित करें तथा मौके पर जाकर औचक निरीक्षण भी करें। -आंगनबाड़ियों पर सुनिश्चित करें पोषाहार की गुणवत्तामुख्यमंत्री ने जिला कलक्टरों को निर्देश दिए कि प्रदेशभर के आंगनबाड़ी केन्द्रों में दिए जाने वाले पोषाहार की गुणवत्ता और मात्रा निर्धारित मानकों के अनुसार हो। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों पर खिलौना बैंक, यूनिफार्म आदि के माध्यम से हैप्पीनेस इंडेक्स बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। अति. मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता अशोक जैन, अति. मुख्य सचिव नगरीय विकास मुकेश शर्मा, अति. मुख्य सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज सुदर्शन सेठी, प्रमुख सचिव कृषि नीलकमल दरबारी, प्रमुख सचिव स्वायत्त शासन डॉ. मंजीत सिंह तथा सचिव महिला एवं बाल विकास रोली सिंह ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति एवं भविष्य की रूपरेखा के बारे में प्रस्तुतीकरण दिए। इस अवसर पर मंत्री परिषद के सदस्यगण, मुख्य सचिव श्री ओपी मीना सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठतम अधिकारी एवं सम्भागीय आयुक्त भी उपस्थित थे।
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