For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 144232456
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की गला घोंटकर हत्या, साथी बंदी विष्णु ने कबूला जुर्म |  Ajmer Breaking News: जगन गुर्जर की जेल में हत्या पर बेनीवाल ने उठाए सवाल, सीबीआई जांच की मांग |  Ajmer Breaking News: प्रेम विवाह के बाद जान का खतरा, नवविवाहित दंपती ने एसपी से मांगी सुरक्षा |  Ajmer Breaking News: क्लॉक टावर थाना अंतर्गत आशागंज में एक गोदाम से डीएसटी और क्लॉक टावर थाना पुलिस ने पूमा कंपनी का नकली माल किया जप्त, |  Ajmer Breaking News: शादी का झांसा देकर युवती से दुष्कर्म, SC-ST एक्ट सहित दुष्कर्म की धाराओ में मुकदमा दर्ज, सीओ साउथ कर रहे हैं जांच |  Ajmer Breaking News: भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति के द्वारा तीन दिव्यांग जनों को ट्राई साइकिल सहित स्व रोजगार के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पुलिस कप्तान हर्षवर्धन अग्रवाल ने सामान किया भेंट  |  Ajmer Breaking News: हाई सिक्योरिटी जेल में बंदी की हत्या: तौलिये से गला दबाकर मार डाला, बैरक खुली तो सामने आई सनसनी |  Ajmer Breaking News: देवनानी ने रविवार को स्वास्थ्य केन्द्र कस्तूरबा में एवं डिग्गी बाजार स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए डीएमएफटी मद से स्वीकृत पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों का लोकार्पण किया। |  Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने दी सौगात, कस्तूरबा एवं डिग्गी बाजार स्वास्थ्य केन्द्रों को मिली पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें, पल्स पोलियो अभियान का भी शुभारम्भ |  Ajmer Breaking News: राजगढ़ धाम पर सात दिवसीय नशा मुक्त भारत महाअभियान का समापन, नशा मुक्ति जागरूकता हेतु नुक्कड़ नाटक व नशामुक्ति शपथ दिलाई | 

राजस्थान न्यूज़: कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को 99.03 लाख की और आईएएस नरेश पाल गंगवार के परिवार को 1.16 करोड़ की सब्सिडी , विपक्ष ने कार्रवाई की मांग

Post Views 01

June 29, 2026

इसी तरह नरेश गंगवार के बेटे कुमार रित्विक के नाम पर जोरपुरा, जोबनेर तहसील के ढाणी बोराज गांव में खीरे की खेती के प्रोजेक्ट के लिए मार्च 2023 में 46.49 लाख रुपए की सब्सिडी मिली।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी को खीरे की खेती के लिए करीब 99.60 लाख रुपए की सरकारी सब्सिडी मिलने के खुलासे के बाद अब इसी योजना से एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी केंद्रीय मत्स्य पालन,पशुपालन और डेयरी सचिन नरेश पाल गंगवार के परिवार को भी लाभ मिलने का मामला सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर यानी MIDH के तहत नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड ने यह सब्सिडी मंजूर की थी।

भागीरथ चौधरी अजमेर से लोकसभा सांसद हैं और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय में राज्य मंत्री हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चौधरी के अलावा 1994 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी नरेश पाल गंगवार के परिवार के तीन सदस्यों को भी पिछले पांच वर्षों में इस योजना के तहत कुल 1.16 करोड़ रुपए से अधिक की सब्सिडी मिली है। गंगवार वर्तमान में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय में सचिव हैं।

NHB चलाता है कमर्शियल बागवानी की योजना

‘बागवानी फसलों के उत्पादन और कटाई के बाद प्रबंधन के जरिए कमर्शियल बागवानी का विकास’ नाम की यह योजना केंद्रीय कृषि मंत्रालय के तहत नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड द्वारा संचालित की जाती है। इस योजना का उद्देश्य खीरा, शिमला मिर्च, टमाटर और फूलों जैसी बागवानी फसलों की आधुनिक और व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देना है।रिकॉर्ड के अनुसार, नरेश गंगवार ने वर्ष 2021-22 के लिए डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग यानी DoPT के पास अचल संपत्ति की वार्षिक घोषणा में इस योजना के तहत मंजूर एक प्रोजेक्ट की जानकारी दी थी। गंगवार ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सर्विस रूल्स के अनुसार उन्हें केवल बड़े पैमाने पर लाभ या प्रॉफिट से जुड़ी जानकारी ही देनी होती है।

जयपुर जिले के प्रोजेक्ट्स के लिए मिली सब्सिडी

रिपोर्ट के अनुसार, नरेश गंगवार के परिवार को मिली सभी सब्सिडी जयपुर जिले से जुड़े प्रोजेक्ट्स के लिए थी। उनकी मां बिंदुमती के नाम पर जोरपुरा, जोबनेर तहसील के भासिंगपुरा गांव में खीरे की खेती के प्रोजेक्ट के लिए जनवरी 2025 में 46.03 लाख रुपए की सब्सिडी बैंक खाते में आई। इस प्रोजेक्ट का क्षेत्रफल 8,880 वर्ग मीटर और लागत 99.38 लाख रुपए बताई गई है।

इसी तरह नरेश गंगवार के बेटे कुमार रित्विक के नाम पर जोरपुरा, जोबनेर तहसील के ढाणी बोराज गांव में खीरे की खेती के प्रोजेक्ट के लिए मार्च 2023 में 46.49 लाख रुपए की सब्सिडी मिली। इस प्रोजेक्ट का क्षेत्रफल 8,736 वर्ग मीटर और लागत 97.94 लाख रुपए बताई गई है।

फुलेरा तहसील के ढाणी बोराज गांव में खीरे की खेती के लिए गंगवार की पत्नी डॉ. रंजीता सिंह और अन्य के नाम पर सूचीबद्ध एक प्रोजेक्ट को वर्ष 2021-22 में 24.36 लाख रुपए की सब्सिडी मिली। इस प्रोजेक्ट का क्षेत्रफल 4,048 वर्ग मीटर और लागत 49.31 लाख रुपए बताई गई है।\

पत्नी, मां, बेटे और बेटी के नाम पर बताई संपत्ति

नरेश गंगवार ने DoPT में 1 जनवरी 2026 को दाखिल 2024-25 की अचल संपत्ति घोषणा में ढाणी बोराज गांव की कृषि भूमि अपनी पत्नी, मां, बेटे और बेटी के नाम पर बताई है। घोषणा में खसरा नंबर 1203/544 और 1205/544 का उल्लेख किया गया है।

घोषणा में यह भी बताया गया कि संबंधित भूमि पर कमर्शियल बागवानी के लिए NHB द्वारा 50 लाख रुपए का एक प्रोजेक्ट मंजूर किया गया है। इसमें बैंक लोन, NHB से सब्सिडी और मालिकों के योगदान से प्रोजेक्ट को फंड किए जाने की बात कही गई है। साथ ही ऑफिस, रेजिडेंस, वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम और बाउंड्री वॉल जैसे अन्य विकास कार्यों पर अलग से राशि खर्च किए जाने का उल्लेख है।

AIS कंडक्ट रूल्स को लेकर दी सफाई

ऑल इंडिया सर्विसेज कंडक्ट रूल्स, 1968 के अनुसार, अधिकारियों को अपनी खरीदी, विरासत, लीज या मॉर्गेज पर रखी गई अचल संपत्तियों की जानकारी देनी होती है, चाहे वह उनके नाम पर हो या परिवार के किसी सदस्य या आश्रित के नाम पर हो।

रिपोर्ट के अनुसार, नरेश गंगवार ने अपने जवाब में कहा कि AIS कंडक्ट रूल्स के तहत ‘परिवार के सदस्य’ की परिभाषा में वही लोग आते हैं, जो पूरी तरह सरकारी कर्मचारी पर निर्भर हों। उन्होंने कहा कि उनकी मां बिंदुमती और बेटा कुमार रित्विक उन पर निर्भर नहीं हैं और यह बात उनके सर्विस रिकॉर्ड में भी दर्ज है। इसलिए उनके अनुसार, इनसे जुड़ी जानकारी वार्षिक संपत्ति रिटर्न में देना आवश्यक नहीं था।

भागीरथ चौधरी मामले से बढ़ा विवाद

इससे पहले केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी को परबतसर के पीह गांव स्थित अपने फार्म पर पॉली हाउस में खीरे की खेती के लिए 99.60 लाख रुपए की सब्सिडी मिलने का मामला सामने आया था। आरोप है कि केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री होने के साथ चौधरी ने अपने ही मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण वाले बोर्ड की योजना का लाभ लिया।

चौधरी ने इस पर सफाई देते हुए कहा था कि उन्होंने किसान के नाते योजना का लाभ लिया है और कुछ भी छिपाकर नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि पॉली हाउस और कोल्ड स्टोरेज से जुड़ी सब्सिडी वाला विभाग उनके पास नहीं, बल्कि दूसरे राज्य मंत्री के पास है।

विपक्ष ने उठाए हितों के टकराव के सवाल

इन खुलासों के बाद कांग्रेस और विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार, मंत्री और संबंधित अधिकारियों पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि आम किसान सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटता है, जबकि प्रभावशाली लोगों और उनके परिवारों को बड़ी राशि की सब्सिडी मिल रही है।

कांग्रेस नेताओं ने इसे हितों के टकराव और पारदर्शिता से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि किसानों के लिए बनी योजनाओं का लाभ वास्तव में पात्र और जरूरतमंद किसानों तक पहुंचना चाहिए।फिलहाल इस मामले में मंत्री और आईएएस अधिकारी की ओर से सफाई दी गई है, लेकिन रिपोर्ट सामने आने के बाद सब्सिडी वितरण, पात्रता, हितों के टकराव और सेवा नियमों के पालन को लेकर सियासी और प्रशासनिक बहस तेज हो गई है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved