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June 29, 2026
हाई सिक्योरिटी जेल में बंदी की हत्या: तौलिये से गला दबाकर मार डाला, बैरक खुली तो सामने आई सनसनी
अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल, जहां कुख्यात और गंभीर मामलों से जुड़े बंदियों को रखा जाता है, सोमवार को एक सनसनीखेज वारदात की गवाह बन गई। जेल की एक बैरक में डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उसी बैरक में बंद भरतपुर के कुलदीप जघीना हत्याकांड के आरोपी विष्णु ने तौलिये से गला दबाकर जगन गुर्जर की हत्या कर दी। घटना की पुष्टि अजमेर एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला ने की है।
जेल अधीक्षक पारस जांगिड़ के अनुसार, डकैत जगन गुर्जर मार्च 2026 से अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद था, जबकि विष्णु करीब तीन साल से जेल में बंद बताया जा रहा है। दोनों बंदी एक ही बैरक में रखे गए थे। जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह दोनों ने बैरक की सफाई की थी और साथ में लूडो भी खेला था। दोपहर 11 बजे से 3 बजे के बीच सेल बंद रहने के दौरान ड्यूटी स्टाफ राउंड पर था। जब बैरक खोली गई तो जगन गुर्जर का शव पड़ा मिला और विष्णु उसी बैरक में मौजूद था।
प्रारंभिक पूछताछ में विष्णु ने हत्या की बात स्वीकार करते हुए कहा कि उसने ही जगन को मारा है। सूचना मिलते ही जेल प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाए गए। पुलिस और जेल प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि हत्या केवल आपसी विवाद का परिणाम थी या इसके पीछे कोई और गहरी वजह भी हो सकती है।
शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों के बीच छोटे-छोटे विवाद होते रहते थे। सूत्रों के अनुसार, सुबह नाश्ते के दौरान भी दोनों के बीच कहासुनी हुई थी। बताया जा रहा है कि जगन गुर्जर कई बातों को लेकर विष्णु से परेशान था। हालांकि जेल प्रशासन की ओर से अभी इसे गैंगवार जैसी घटना मानने से इनकार किया गया है और मामले की जांच जारी है।
जगन गुर्जर का नाम चंबल क्षेत्र में कई आपराधिक घटनाओं से जुड़ा रहा है। वह धौलपुर क्षेत्र का रहने वाला था और करीब 27 साल पहले अपराध की दुनिया में आया था। उसके खिलाफ राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश के अलग-अलग थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, फिरौती, अपहरण और डकैती जैसे गंभीर मामलों में कई मुकदमे दर्ज बताए जाते हैं।
जगन गुर्जर का खौफ कभी इतना बताया जाता था कि धौलपुर के कई गांवों में लोग उसके नाम से डरते थे। वर्ष 2008 में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का धौलपुर महल उड़ाने की धमकी देकर भी वह चर्चाओं में आया था। उस समय उस पर 11 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया था। वहीं अलग-अलग समय पर उसके सरेंडर करने और फिर अपराध की राह पर लौटने की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं।
अब हाई सिक्योरिटी जेल के भीतर उसकी हत्या ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि कड़ी निगरानी वाली जेल में एक बंदी ने दूसरे बंदी की हत्या कैसे कर दी। फिलहाल पुलिस, जेल प्रशासन और एफएसएल टीम पूरे मामले की जांच में जुटी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि यह हत्या अचानक हुए विवाद का परिणाम थी या इसके पीछे कोई पुरानी रंजिश और साजिश छिपी हुई है।
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