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May 31, 2017
अमेरिका में रह रहे अधिकतर नौकरीपेशा भारतीय अब भारत में नौकरी ढूंढ रहे हैं ताकि स्वदेश वापस लौट सकें। डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता संभालने के बाद से अमेरिका में रह रहे भारतीयों द्वारा भारतीय कंपनियों में नौकरी के लिए आवेदन की संख्या में भारी इजाफा हुआ है।
दिसंबर से मार्च के बीच ऐसे आवेदनों में 10 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। कंसल्टिंग फर्म डेलॉइट टॉच तोहमात्सू के मुताबिक दिसंबर 2016 में अमेरिका में नौकरी कर रहे 600 लोगों ने भारत में नौकरी के लिए अप्लाई किया। वहीं मार्च तक यह संख्या बढ़कर लगभग सात हजार तक पहुंच गई। अमेरिकी नागरिकता और अप्रवासन कार्यालय के मुताबिक 2018 के लिए एच-1बी कार्य वीजा के आवेदन में पांच साल में पहली बार गिरावट दर्ज की गई है।गौरतलब है कि ट्रंप प्रशासन लगातार स्थानीय लोगों को नौकरी में प्रथमिकता देने की बात करता रहा है। साथ ही अब एच-1बी वीजा नियम को और अधिक कड़ा करने पर विचार किया जा रहा है। इसका असर भारतीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर और कुशल कामगारों पर पड़ रहा है। साथ ही अमेरिका में भारतीयों पर हमले भी बढ़ गए हैं। इसलिए अमेरिका में रह रहे भारतीय वापस भारत आने के इच्छुक हैं।राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा एच-1बी वीजा नियम में बदलाव का सबसे अधिक असर इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी आउटसोर्सिंग कंपनियों जैसे टाटा कंसल्टेंसिंग सर्विस लिमिटेड और कागनिजेंट टेक्नोलॉजी सल्यूशन कॉर्प जैसी कंपनियों पर पड़ सकता है।
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