Post Views 851
May 31, 2017
रिपोर्ट -अमेरिका उत्तर कोरिया को फिर से आतंकी देश घोषित कर सकता है। अमेरिका का डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन फिलहाल इस मुद्दे पर विचार कर रहा है। विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने बुधवार को कहा, ट्रंप प्रशासन अभी इस बात की समीक्षा कर रहा है कि उत्तर कोरिया को आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले देशों की सूची में फिर से शामिल करना चाहिए या नहीं। उन्होंने कहा, अमेरिका उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ फिर से वार्ता करना चाहता है। लेकिन यह वार्ता पहले हुई बातचीत जैसी नहीं होगी। यह उससे अलग तरीके से होगी।टिलरसन ने कहा, हम उत्तर कोरिया को सही रास्ते पर लाने की कोशिश में सभी तरीकों की समीक्षा कर रहे हैं। आतंकवाद प्रायोजित देशों की सूची में शामिल करना एक तरीका है। साथ ही दूसरे तरीके भी हैं, जिनके जरिये हम प्योंगयांग की सरकार पर वार्ता के लिए दबाव बना सकते हैं। लेकिन यह बातचीत पहले हुई वार्ताओं से अलग तरीके से होगी।अमेरिका उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर सशंकित है। प्योंगयांग के परमाणु कार्यक्रम से न केवल कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव और असुरक्षा बढ़ने का खतरा है, बल्कि इसको अमेरिका अपने लिए भी खतरा मानता है। इसी कारण वह उत्तर कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को बंद कराना चाहता है। वह सैन्य विकल्प आजमाने की बात पहले ही कह चुका है। लेकिन प्योंगयांग का कहना है कि देश की सुरक्षा के लिए परमाणु कार्यक्रम जरूरी है। उत्तर कोरिया को अमेरिका ने साल 1988 में पहली बार आतंकवाद प्रायोजक देशों की सूची में डाला था। हालांकि 2008 में सूची से उसका नाम हटा दिया गया।
चीन की कोशिश को सराहा व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने बुधवार को कहा कि उत्तर कोरिया को नियंत्रित करने के लिए बीजिंग अपने राजनीतिक और आर्थिक प्रभावों का उपयोग कर रहा है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने बुधवार को कहा, उत्तर कोरिया को नियंत्रित करने के प्रयास में चीन को आगे बढ़ते देखना और उसका हमारे साथ शामिल होना उत्साहजनक है। राष्ट्रपति ट्रंप और उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग ने बीच हाल में विकसित संबंधों ने निश्चित रूप से सकारात्मक संकेत दिए हैं।स्पाइसर ने कहा, चीन उत्तर कोरिया पर आर्थिक और राजनीतिक दोनों प्रभाव का इस्तेमाल कर रहा है। इस मामले में उसे बड़ी भूमिका निभाते हुए देखना सकारात्मक संकेत है। हालांकि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि चीन किस सीमा तक कार्रवाई करता है।
© Copyright Horizonhind 2025. All rights reserved