For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 101987532
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: आयुर्वेद विभाग में आईटी के पदों के सृजन के लिए सौंपा ज्ञापन |  Ajmer Breaking News: प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक डॉ. सीमा शर्मा का अजमेर मंडल दौरा |  Ajmer Breaking News: ब्राजील से आयातित गिर गौवंश का सीमन अजमेर में उपलब्ध |  Ajmer Breaking News: मंत्री श्री रावत ने अधिकारियों को दिए त्वरित समस्या समाधान के निर्देश |  Ajmer Breaking News: हाथी खेड़ा ग्राम पंचायत को अजमेर नगर निगम सीमा में शामिल नहीं करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन, |  Ajmer Breaking News: पुष्कर में भगवान राम को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों और भ्रांतियों को दूर करने के लिये विहिप की और से इस बार पूरे देश मे भव्य राम जन्मोत्सव मनाया जा रहा है |  Ajmer Breaking News: तीर्थनगरी स्थित द्वारिकापुरी कृष्णा निवास में आज से कलश यात्रा के साथ नो दिवसीय अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ हुआ । |  Ajmer Breaking News: अजमेर डेयरी अध्यक्ष श्री रामचन्द्र चौधरी को इण्डियन डेयरी एसोसिएशन फैलोशिप अवार्ड मिलने पर सम्मान के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया गया । |  Ajmer Breaking News: रसद विभाग द्वारा घरेलू एलपीजी सिलेण्डरों के अवैध उपयोग की सूचना पर श्रीनगर  क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेण्डरों की धरपकड़ का अभियान चलाया गया। |  Ajmer Breaking News: जिला स्तरीय एनसीओआरडी समिति की बैठक आयोजित | 

राष्ट्रीय न्यूज़: बिलकिस बानो मामले के जांचकर्ता की दोषसिद्धि पर रोक से इन्कार

Post Views 791

May 31, 2017

नई दिल्ली- गुजरात दंगों से जुड़े बिलकिस बानो सामूहिक दुष्कर्म और हत्या मामले में खराब जांच के दोषी ठहराए गए गुजरात के आइपीएस अधिकारी आरएस भगोरा को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। शीर्ष अदालत ने भगोरा की दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया। मामले को आवश्यक न मानते हुए अदालत ने अंतरिम आदेश नहीं दिया। याचिका पर जुलाई के दूसरे सप्ताह में सुनवाई होगी।भगोरा ने बांबे हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। बांबे हाई कोर्ट ने चार मई को भगोरा सहित छह पुलिसकर्मियों और डाक्टरों को कर्तव्य में लापरवाही और साक्ष्य नष्ट करने का दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई थी। हाई कोर्ट ने भगोरा की जेल की सजा को काटी जा चुकी कैद तक ही सीमित कर दिया था। हालांकि निचली अदालत ने भगोरा को बरी कर दिया था। मंगलवार को भगोरा के वकील ने जस्टिस एके सीकरी व जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ के समक्ष याचिका का जिक्र करते हुए शीघ्र सुनवाई की मांग की। भगोरा की दोषसिद्धि पर अंतरिम रोक लगाने का अनुरोध करते हुए वकील ने कहा कि अगर अदालत ने उनकी दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगाई तो सेवा नियमों के अनुसार उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया जाएगा। लेकिन पीठ ने अंतरिम रोक लगाने से इन्कार करते हुए कहा कि उसे इसका कोई कारण नजर नहीं आता है। वैसे भी वे जेल से बाहर हैं इसलिए याचिका पर तत्काल सुनवाई की कोई जरूरत नहीं है। उन्हें सिर्फ 15000 रुपये जुर्माना भरना है भर दें। मामले पर जुलाई के दूसरे सप्ताह में सुनवाई की जाएगी।यह मामला गुजरात में 2002 में हुए सांप्रदायिक दंगों से जुड़ा है तीन मार्च 2002 को अहमदाबाद के पास रंधिकपुर गांव में बिलकिस बानो के घर पर भीड़ ने हमला किया था। इस हमले में बिलकिस के घर के छह लोग मारे गए, जबकि पांच माह की गर्भवती बिलकिस के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ। बिलकिस की ओर से गुजरात में मामले के प्रभावित होने की आशंका जताने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त 2004 में उसे गुजरात से मुंबई स्थानांतरित कर दिया था। 


© Copyright Horizonhind 2025. All rights reserved