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May 31, 2017
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशुतोष कुमार मिश्रा ने मातृसदन की लिखित शिकायत पर प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत, डीएम दीपक रावत और एसडीएम मनीष कुमार सिंह के खिलाफ अपराधिक धाराओं में एक प्रकीर्ण वाद दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
मामले में अगली सुनवाई के लिए 14 जून की तारीख मुकर्रर की गई है। कनखल के जगजीतपुर स्थित मातृसदन आश्रम के ब्रहमचारी दयानंद ने अपने अधिवक्ता अरुण भदौरिया के माध्यम से कोर्ट में दी गई लिखित शिकायत में राज्य के मुख्यमंत्री और हरिद्वार के जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी पर कई संगीन आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि गंगा में खनन के विरोध में स्वामी शिवानंद कठोर तप कर रहे हैं। बीती 28 मई की रात पुलिस, प्रशासन के अधिकारी करीब 50 पुलिसकर्मियों के साथ बिना कोई आदेश दिखाये मातृसदन के गेट पर लगी तारबाड़ को काटते हुए अंदर प्रवेश कर गए।
अंदर भी ताले और लोहे की ग्रिल को भी काटा गया। बिना किसी आदेश के आश्रम के पवित्र स्थल पर प्रतिबंधित चीजों के साथ प्रवेश कर तपस्थली की मर्यादा को भंग किया। आरोप लगाया कि धुएं से दम घोंटकर स्वामी शिवानंद और उनके साथ दो संतों की हत्या का प्रयास किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्षी आश्रम को नष्ट करने की योजना बना रहे हैं। ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का कहना है कि 28 मई की रात का घटनाक्रम मुख्यमंत्री के आदेश और जिलाधिकारी के निर्देश पर किया गया। मातृसदन ने अपनी लिखित शिकायत में पूर्व की कई घटनाओं का भी जिक्र किया है।
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