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May 31, 2017
रिपोर्ट - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जर्मनी यात्रा के दौरान मंगलवार को दोनों देशों के बीच 12 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। जर्मनी की चांसलर एंजला मर्केल के साथ संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने आतंकवाद और जलवायु के मुद्दे पर चर्चा की। दुनिया के सामने आतंकवाद समेत कई चुनौतियां हैं, इनका सामना करने के लिए मानवतावादी शक्तियों को एकजुट होना होगा। मोदी ने कहा कि भारत और जर्मनी एक-दूसरे के लिए बने हैं। संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में प्रधानमंत्री ने भारत और जर्मनी के संबंधों में परिणामोन्मुखी गति और आर्थिक संबंधों में बड़ी छलांग की पैरवी की। उन्होंने कहा कि हमारे रिश्तों के विकास की गति तेज है, दिशा सकारात्मक है और मंजिल स्पष्ट है। जर्मनी भारत को हमेशा एक ताकतवर, तैयार और सक्षम सहयोगी के रूप में पाएगा। वार्ता के बाद दोनों पक्षों ने साइबर राजनीति, विकास पहलों, सतत शहरी विकास, क्लस्टर प्रबंधकों का सतत विकास और कौशल विकास, डिजिटलीकरण के क्षेत्र में सहयोग, रेल सुरक्षा के क्षेत्र में मदद, व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा और भारत-जर्मन केंद्र पर लगातार सहयोग पर एक संयुक्त उद्देश्य घोषणापत्र पर भी हस्ताक्षर किए। जर्मन चांसलर ने कहा कि भारत एक भरोसेमंद साझेदार साबित हुआ है और दोनों पक्ष सहयोग बढ़ाने में सक्षम हुए हैं। मर्केल ने निजी भोज दिया
सोमवार शाम को बर्लिन पहुंचने पर मोदी और मर्केल के बीच बातचीत हुई। ब्रैंडनबर्ग जिले में स्थित 18वीं सदी के पैलेस शलॉस मीजेबर्ग के बाग में दोनों नेता एक साथ टहले। शलॉस मीजेबर्ग की विजिटर बुक में मोदी ने हस्ताक्षर भी किए। यहीं मर्केल ने उन्हें भोज दिया।मोदी ने जर्मनी की फुटबाल लीग बुंदेसलीगा की तारीफ की
प्रधानमंत्री ने जर्मनी की अपने युवाओं में खेल संस्कृति को बढ़ाने के लिए निवेश करने की तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनकी फुटबाल लीग बुंदेसलीगा भारत में काफी लोकप्रिय है।
प्रधानमंत्री से प्रियंका चोपड़ा ने मुलाकात कीबॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने मंगलवार को बर्लिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। वह अपनी हॉलीवुड फिल्म बेवॉच का प्रचार करने के लिए बर्लिन आई थीं। प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद 34 वर्षीय अभिनेत्री ने ट्विटर पर अपनी एक तस्वीर साझा की। उन्होंने फोटो के नीचे लिखा, सुबह मुलाकात के वास्ते समय देने के लिए नरेंद्र मोदी सर का धन्यवाद। एक ही समय में बर्लिन में होने का इस्तेफाक बेहद प्यारा है।वरिष्ठ मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल
मोदी के साथ उनके वरिष्ठ मंत्रियों का प्रतिनिधिमंडल भी था, जिनमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन, वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण, ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल और विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर शामिल थे। चौथी भारत-जर्मन अंतर सरकारी वार्ता प्रधानमंत्री ने जर्मनी के साथ द्विपक्षीय रणनीतिक संबंधों का रोडमैप तैयार करने के लिए जर्मन चांसलर एंजला मर्केल के साथ चौथे चरण की भारत-जर्मनी अंतर सरकारी वार्ता (आईजीसी) की। ये वार्ता हर दो साल में एक बार होती है। पिछली बार आईजीसी का आयोजन अक्तूबर 2015 में नई दिल्ली में हुआ था।
आतंकवाद और वन बेल्ट, वन रोड पर चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और जर्मन चांसलर मर्केल के बीच शिखर सम्मेलन से पहले विभिन्न द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा हुई। यूरोप में हुए हालिया आतंकी हमलों के अलावा ब्रेग्जिट के परिणाम और व्यापार आदि मुद्दे बातचीत के केंद्र में रहे। चीन की वन बेल्ट, वन रोड की पहल और जलवायु परिर्वतन के मुद्दे पर भी चर्चा हुई।
पर्यावरण संधि को लागू करने में मदद करेगा जर्मनी
जर्मन चांसलर एंजला मर्केल ने आईजीसी की बैठक के बाद कहा कि जर्मनी हर साल इसमें एक अरब यूरो देगा। इस बजट का इस्तेमाल स्मार्ट सिटी, अक्षय ऊर्जा और सौर ऊर्जा उद्योग में होगा। उन्होंने कहा कि जर्मनी पेरिस पर्यावरण संधि को लागू करने में भारत की मदद करेगा। उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतंत्र है और वह इसके लिए काम कर रहा है कि दुनिया न सिर्फ एक दूसरे से जुड़ी हो बल्कि उसका विवेकपूर्ण विकास हो।
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