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April 14, 2026
संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती आज
पूरे देश सहित अजमेर में भी धूमधाम से मनाई गई अंबेडकर जयंती,
संविधान निर्माता भारत रत्न डॉक्टर भीमराव अंबेडकर कि आज 135वीं जयंती देश सहित अजमेर में भी बड़ी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई गई। विभिन्न समाजों और संगठनों के द्वारा केंद्रीय बस स्टैंड के सामने अंबेडकर सर्किल पर बाबासाहेब की प्रतिमा पर सुबह से ही माल्यार्पण और पुष्पांजलि का दौर शुरू हुआ जो दोपहर तक लगातार जारी रहा। इससे पूर्व, पूर्व संध्या पर अंबेडकर सर्किल पर दीपदान और आतिशबाजी का कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था।
मंगलवार सुबह भाजपा कांग्रेस सहित विभिन्न संगठनों, दलों और समाजों के सैकड़ो लोगों ने अंबेडकर सर्किल पहुंचकर बाबा साहब को पुष्पांजलि और माल्यार्पण कर नमन किया और उनके द्वारा दिए गए समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आवाहन किया।
अंबेडकर जयंती पर सुबह से ही भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया था जिसको देखते हुए बलाई महासभा और अंबेडकर संगठन के लोगों ने वहां आने वाले समस्त लोगों के लिए ठंडा पेयजल की व्यवस्था की।
साथी पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यावरण को हरा भरा रखने के लिए विभिन्न प्रजातियों के पौधों का वितरण भी किया गया गर्मी में आने वाले सभी बांधों को ठंडी छाछ वितरित की गई और भी भोज का आयोजन किया गया। सभी ने बाबासाहेब अमर रहे के नारे लगाकर पूरे सर्कल को गुंजायमान कर दिया।
अजमेर क्लब चौराहे से शहर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ राजकुमार जयपाल पूर्व आरटीसी अध्यक्ष धर्मेंद्र राठौर डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी पूर्व नेता प्रतिपक्ष द्रौपदी कोली सहित सैकड़ो की संख्या में कांग्रेस जन रैली के रूप में अंबेडकर सर्किल पहुंचे और बाबा साहब को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए याद किया।
बाबा साहेब का जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था। अंबेडकर वकील, अर्थशास्त्री होने के साथ राजनीतिज्ञ और महान समाज सुधारक भी थे। उन्होंने छुआछूत और जातीय भेदभाव के खिलाफ आंदोलन चलाया। उन्हें भारतीय संविधान का वास्तुकार माना जाता है। अंबेडकर भारत के संविधान की मसौदा समिति के अध्यक्ष भी रहे, उन्होंने समता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और न्याय पर आधारित संविधान की नींव रखी। आज उनके द्वारा रचा गया संविधान कितना प्रासंगिक है इसे लेकर हालांकि विभिन्न राजनीतिक दलों में कई सवाल उठ रहे हैं बावजूद इसके भी संविधान की संरचना पर कोई सवाल खड़ा नहीं कर सकता।
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