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May 30, 2017
जयपुर। कृषि मंत्री प्रभुलाल सैनी ने कहा कि मुहाना मंडी में अत्याधुनिक वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था विकसित की जाएगी। उन्होंने बताया कि मंडियों में वेस्ट आधारित बायोगैस प्लांट और जैविक उर्वरक बनाने के लिए कोटा में आयोजित ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट में एक एमओयू भी किया गया है। सैनी मंगलवार को महात्मा ज्योतिबा फुले फल एवं सब्जी मंडी समिति मुहाना में चौधरी चरण सिंह राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान, जयपुर और राजस्थान कृषि विपणन बोर्ड के संयुक्त तत्वाधन में आयोजित एकदिवसीय स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मंडियों में निकलने वाला ज्यादातर कचरा जैविक होता है, इसलिए इसका उपयोग बायोगैस के साथ-साथ जैविक उर्वरक बनाने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इससे मंडी भी साफ-सथुरी हो जाएगी और इस कचरे का निस्तारण भी सही तरीके से हो जाएगा। कृषि मंत्री सैनी ने कहा कि इस कचरे से बिजली भी उत्पादित की जा सकती है, जिससे बिजली के बिल का बोझ कम होगा। उन्होंने स्वीडन का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां केवल एक प्रतिशत कचरा ही डस्टबीन में जाता है, 99 प्रतिशत कचरा को रिसाइकिल कर लिया जाता है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार अब स्वच्छता और तकनीक के उपयोग के आधार पर मंडियों की ग्रेडिंग करेगी, इसलिए प्रयास किए जाएं कि राजस्थान की सभी मंडियों को अच्छी गे्रड मिले। कार्यक्रम में राष्ट्रीय कृषि विपणन संस्थान की निदेशक डॉ. हेमा यादव, मंडी सचिव अशोक गर्ग सहित बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित थे।
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