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May 30, 2017
अजमेर, 30 मई। जिला कलेक्टर गौरव गोयल ने जिले के सभी पुलिस थाना अधिकारियों को निर्देश दिए है कि सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा राजकार्य का निर्वहन करने के दौरान किसी भी तरह की अभद्रता या व्यवधान पर तुरन्त एफआईआर दर्ज करें। सभी थानाधिकारी ऐसी घटना होते ही जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस के उच्च अधिकारी एवं संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट को भी तुरन्त जानकारी देंगे।
जिला मजिस्ट्रेट गौरव गोयल ने बताया कि यह देखा गया है कि जिले के विभिन्न राजकीय विभागों द्वारा कभी-कभी अपने राजकार्यों के निवर्हन के दौरान असामाजिक व्यक्तियों द्वारा व्यवधान किया जाता है। उक्त स्थितियों के समाधान के लिए राजकीय विभागों व कार्मिकों को संरक्षण प्रदान करने के संबंध में आपराधिक विधि यथा भारतीय दण्ड संहिता, दण्ड प्रक्रिया संहिता, लोक सम्पत्ति को नुकसान का निवारण अधिनियम व अन्य अधिनियमों में सुसंगत प्रावधान किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि राजकीय कार्मिक अपने पदीय कर्तव्यों का निर्वहन भय मुक्त होकर कर सकें, इसके लिए जिले के राजकीय विभागों व कार्मिकों के विरूद्ध अपराधों यथा राजकार्य में बाधा, राजकीय सम्पत्ति को नुकसान, अवैध खनन, विद्युत चोरी, पानी की चोरी व अन्य आपराधिक कृत्यों के घटित होने पर संबंधित अभियुक्त के विरूद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही किया जाना अपेक्षित है।
गोयल ने जिले के सभी थानाधिकारियों को निर्देशित किया कि राजकीय विभाग व कार्मिक के साथ राजकीय कार्यों व पदीय कर्तव्यों के निर्वहन के दौरान कोई आपराधिक कृत्य या व्यवधान उत्पन्न होता है तो इस संबंध में विभाग, अधिकारी या कर्मचारी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर संबंधित पुलिस थाना द्वारा तत्काल प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर ठोस कार्यवाही अमल में लायी जाए। इस प्रकार के समस्त प्रकरण संबंधित थानाधिकारी द्वारा तत्काल जिला मजिस्ट्रेट, उच्च पुलिस अधिकारियों एवं संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की जानकारी में भी लाए जाएंगे।
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