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May 30, 2017
यूपी -सरकार ने दिल्ली-सहारनपुर-यमुनोत्री फोर लेन सड़क निर्माण घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की है। उत्तर प्रदेश स्टेट हाइवे अथॉरिटी (उपशा) ने अगस्त 2011 में इस सड़क को दो लेन से चार लेन किए जाने का ठेका मेसर्स एसईडब्ल्यू-एलएसवाई हाईवेज लि. और प्रसाद एंड कंपनी को दिया था।इन कंपनियों ने महज 13 प्रतिशत काम करके बैंक अधिकारियों व सीए की मदद से 603 करोड़ रुपये का भुगतान करा लिया। जबकि कंपनी ने मात्र 148 करोड़ रुपये का ही काम किया गया था।
उपशा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रहे नवनीत सहगल के निर्देश पर इस परियोजना के महाप्रबंधक शिव कुमार अवधिया ने 20 फरवरी 2017 को एफआईआर दर्ज कराई थी।
इसमें 14 बैंकों के अधिकारियों, कंपनी के डायरेक्टर व प्रमोटर डायरेक्टर के खिलाफ 455 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया गया था। वहीं, सहगल ने इसकी जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश भी की थी। अब राज्य सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया है
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