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March 11, 2025
जयपुर बिजयनगर ब्लैकमेल कांड में आरोपियों की संपत्ति ध्वस्त करने के मामले में आज राजस्थान सरकार ने हाईकोर्ट में अपना जवाब पेश किया। बिजयनगर नगरपालिका की ओर से कहा गया कि स्थानीय निवासियों ने ज्ञापन देकर आरोपियों की संपत्तियां ध्वस्त करने की मांग की थी।
हाईकोर्ट में क्या हुआ?
याचिकाकर्ताओं के अधिवक्ता सयैद सआदत अली ने सरकार के जवाब पर प्रति उत्तर (रिप्लाई) पेश करने के लिए समय मांगा।कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए सुनवाई की अगली तारीख 24 मार्च तय कर दी।
याचिकाकर्ताओं का पक्ष – ‘नोटिस देना गलत’
याचिकाकर्ताओं के वकील सयैद सआदत अली ने तर्क दिया कि नगरपालिका ने सभी नोटिस आरोपियों के नाम पर जारी किए हैं, जबकि संपत्तियां उनके नाम पर नहीं हैं।जो मकान और संपत्तियां गिराई गई हैं, वे आरोपियों के परिजनों के नाम पर दर्ज हैं।सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।
पृष्ठभूमि – क्यों विवाद में आया मामला?
बिजयनगर ब्लैकमेल कांड में आरोपियों पर गंभीर अपराधों के आरोप लगे थे, जिसके बाद प्रशासन ने उनकी संपत्तियां ध्वस्त करने का फैसला किया।इस कार्रवाई को लेकर आरोपियों के परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिकाएं दायर की थीं।अदालत ने पहले ही मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था।
24 मार्च को हाईकोर्ट में सुनवाई होगी, जिसमें सरकार और याचिकाकर्ताओं की दलीलें सुनी जाएंगी।यह देखा जाएगा कि क्या नगरपालिका ने सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन किया है या नहीं।अगर गाइडलाइन का उल्लंघन हुआ है, तो अदालत से प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी आ सकते हैं।
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