Post Views 31
February 7, 2025
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी और बिहार विधान परिषद के पूर्व सदस्य कामेश्वर चौपाल का निधन हो गया है। कामेश्वर चौपाल का राम आंदोलन से अयोध्या तक गहरा जुड़ाव था। उन्होंने 1989 में राम मंदिर शिलान्यास के दौरान पहली ईंट रखकर इतिहास रच दिया था।
राम आंदोलन और राजनीति में सक्रिय भूमिका
कामेश्वर चौपाल लंबे समय तक राजनीति और सामाजिक आंदोलनों में सक्रिय रहे। 2004 से 2014 तक वे एमएलसी रहे। हालांकि, उन्होंने कई चुनाव भी लड़े, लेकिन सफलता नहीं मिल पाई। उन्होंने दिवंगत नेता रामविलास पासवान के खिलाफ भी चुनाव लड़ा, लेकिन हार का सामना करना पड़ा।
राम मंदिर से विशेष जुड़ाव
2020 में अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए गठित ट्रस्ट में कामेश्वर चौपाल को बिहार से शामिल किया गया। उन्हें संघ ने पहला कारसेवक का दर्जा दिया था। 1989 में हुए शिलान्यास कार्यक्रम में संतों ने चौपाल को पहली ईंट रखने का मौका दिया था। इसके बाद उनका नाम पूरे देश में प्रसिद्ध हो गया।
'रोटी के साथ राम' का नारा
कामेश्वर चौपाल ने 'रोटी के साथ राम' का नारा देकर समाज में नई जागरूकता लाई। शिलान्यास के दौरान संतों के फैसले से अनजान चौपाल ने बताया था कि यह उनके लिए एक बड़ा संयोग था।
संघ के साथ यात्रा और मधुबनी से पढ़ाई
कामेश्वर चौपाल ने अपनी पढ़ाई बिहार के मधुबनी जिले से पूरी की थी। पढ़ाई के दौरान वे संघ के संपर्क में आए और संघ के प्रति समर्पित हो गए। स्नातक की पढ़ाई के बाद उन्हें मधुबनी जिले का प्रचारक बनाया गया।
© Copyright Horizonhind 2025. All rights reserved