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January 5, 2025
भारत के प्रसिद्ध परमाणु वैज्ञानिक डॉ. आर चिदम्बरम का शनिवार सुबह मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे 88 वर्ष के थे और कुछ समय से बीमार चल रहे थे। डॉ. चिदम्बरम को देश के परमाणु कार्यक्रम का आधारस्तंभ माना जाता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य प्रमुख नेताओं ने डॉ. चिदम्बरम को श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया।
परमाणु परीक्षणों में महत्वपूर्ण भूमिका: डॉ. आर चिदम्बरम ने 1974 में पोखरण-1 और 1998 में पोखरण-2 परमाणु परीक्षणों में अहम भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व और वैज्ञानिक दूरदृष्टि ने भारत को परमाणु शक्ति संपन्न देशों की श्रेणी में ला खड़ा किया।
प्रमुख पदों पर कार्य: डॉ. चिदम्बरम परमाणु ऊर्जा आयोग के प्रमुख रहे।भारत सरकार के प्रिंसिपल साइंटिफिक एडवाइजर के रूप में भी उन्होंने देश के वैज्ञानिक अनुसंधान में योगदान दिया। वे अमेरिका के साथ नागरिक परमाणु समझौते को अंतिम रूप देने में शामिल थे, जिसने अंतरराष्ट्रीय परमाणु समुदाय में भारत की स्थिति को मजबूत किया।
परमाणु ऊर्जा में योगदान: डॉ. चिदम्बरम ने देश को स्वदेशी तकनीक पर आधारित परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित करने में मदद की। उनकी वैज्ञानिक उपलब्धियों ने भारत को वैश्विक स्तर पर वैज्ञानिक समुदाय में एक प्रमुख स्थान दिलाया।
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