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December 28, 2024
जयपुर में 28 दिसंबर को "आओ चले प्रयागराज महाकुंभ चले" महाअभियान की घोषणा की गई। इस अभियान का उद्देश्य दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन, प्रयागराज महाकुंभ, में भागीदारी के लिए लोगों को प्रेरित करना है। अभियान के संयोजक और संस्कृति युवा संस्था के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने बताया कि यह अभियान 31 दिसंबर को मेहंदीपुर बालाजी धाम से महंत डॉ. नरेशपुरी जी महाराज के सानिध्य में पीले चावल बांटकर और स्टिकर विमोचन के साथ शुरू होगा।
महाकुंभ 2025 का महत्व: प्रयागराज में होने वाला महाकुंभ 13 जनवरी 2025 से 26 फरवरी 2025 तक आयोजित होगा। इसमें पांच शाही स्नान होंगे:
मकर संक्रांति
मौनी अमावस्या
बसंत पंचमी
महा पूर्णिमा
महाशिवरात्रि
कुंभ मेले में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में स्नान करने से आत्मा की शुद्धि और पापों का नाश होता है। अनुमान है कि इस महाकुंभ में 25 करोड़ से अधिक श्रद्धालु भाग लेंगे।
अभियान की मुख्य विशेषताएं: पीले चावल का निमंत्रण:पूरे प्रदेश के मंदिरों के बाहर श्रद्धालुओं को पीले चावल बांटकर महाकुंभ का निमंत्रण दिया जाएगा।धार्मिक, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों की भागीदारी:100 से अधिक संगठन इस अभियान से जुड़ेंगे। महिला सशक्तिकरण: महाकुंभ के सभी शाही स्नानों के दौरान संगम घाट पर महिलाएं विशेष आरती करेंगी।ध्वज और प्रचार सामग्री:प्रदेश के सभी मंदिरों पर "महाकुंभ चलें" ध्वज लगाए जाएंगे।लाख कपड़े के बैग वितरण:महाकुंभ में श्रद्धालुओं को 1 लाख कपड़े के बैग वितरित किए जाएंगे।
शुभारंभ समारोह: अभियान का शुभारंभ मेहंदीपुर बालाजी धाम से होगा, जिसमें प्रमुख रूप से एडवोकेट एच.सी. गणेशिया, गोविंद पारिक, दिनेश शर्मा, सुनील जैन, और गौरव धामाणी जैसे प्रतिष्ठित लोग शामिल होंगे।
अभियान का उद्देश्य: इस महाअभियान का उद्देश्य न केवल महाकुंभ में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है, बल्कि भारतीय संस्कृति और धर्म के महत्व को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करना भी है।
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