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November 17, 2024
दिल्ली सरकार को आज सुबह बड़ा झटका लगा जब परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने आम आदमी पार्टी (आप) से इस्तीफा दे दिया। गहलोत ने पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल को लिखे अपने इस्तीफे में पार्टी और सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी और दिल्ली सरकार का ध्यान जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय केंद्र सरकार से विवाद करने में ही लगा रहता है।
परिवहन मंत्री गहलोत ने आरोप लगाया कि पार्टी जनता से किए वादों को पूरा करने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि हमने जनता से यमुना की सफाई और प्रदूषण कम करने का वादा किया था, लेकिन पिछले दस सालों में इस दिशा में कोई सार्थक कदम नहीं उठाया गया। गहलोत ने यह भी लिखा कि वादे के बावजूद यमुना की हालत बद से बदतर होती गई और प्रदूषण लगातार बढ़ता रहा।
परिवहन मंत्री गहलोत ने केजरीवाल के सरकारी आवास के रिनोवेशन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि हमने सादगी का वादा किया था, लेकिन मुख्यमंत्री आवास को रिनोवेशन के नाम पर 'शीश महल' में बदल दिया गया। जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये इस पर खर्च कर दिए गए। यह जनता के साथ धोखा है।
परिवहन मंत्री गहलोत ने पार्टी पर जनता की अपेक्षाओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से तालमेल न होने की वजह से जनहित के कार्य बाधित हो रहे हैं और जनता को वादे के मुताबिक सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
परिवहन मंत्री गहलोत ने कहा कि आम आदमी पार्टी का ध्यान केंद्र सरकार के साथ आरोप-प्रत्यारोप में उलझा रहता है, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी का उद्देश्य जनता की भलाई के बजाय केंद्र से संघर्ष करना बन गया है।
परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने अपने पत्र में इन तमाम मुद्दों को उठाते हुए लिखा कि वह भरे मन से पार्टी छोड़ रहे हैं। उनके इस्तीफे से आम आदमी पार्टी के लिए राजनीतिक संकट गहरा सकता है।
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