For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 143473375
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: घर में काम करने वाली महिला ने की लाखों के गहनों की चोरी, पुलिस ने किया खुलासा |  Ajmer Breaking News: गांधी भवन के पास महिला से चेन स्नेचिंग, ढाई तोले की सोने की चेन लेकर फरार हुए बदमाश |  Ajmer Breaking News: पुष्कर से अग्रवाल का कांग्रेस पर तीखा हमला: “कांग्रेस की आत्मा ही लोकतंत्र विरोधी रही है |  Ajmer Breaking News: होकरा बाईपास पर रॉन्ग-वे ट्रैक्टर से बाइक की भिड़ंत, बुबानी के युवक की मौत, गांव में शोक की लहर |  Ajmer Breaking News: निर्जला एकादशी पर पुष्कर सरोवर में उमड़ा आस्था का सैलाब, स्नान के दौरान डूबते युवक को सिविल डिफेंस ने बचाया |  Ajmer Breaking News: आपातकाल के काले दिवस पर आयोजित भाजपा अजमेर संभाग की विशेष संगोष्ठी का आयोजन गुरुवार को जयपुर रोड स्थित एक रिसॉर्ट में किया गया। |  Ajmer Breaking News: री नीट परीक्षा 2026 का फर्जी पेपर तैयार कर पैसे हडपकर धोखाधडी करने वाले दो अभियुक्त गिरफतार |  Ajmer Breaking News: जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में वार्ड बॉय लेडी सफाई कर्मचारी सहायक कर्मचारी उतरे हड़ताल पर, |  Ajmer Breaking News: नया बाजार घी मंडी में दुकान के बाहर खड़ी कार को हटाने की बात पर दो दुकानदारों में हुआ विवाद, पूरे बाजार में मचा हंगामा , |  Ajmer Breaking News: वरिष्ठ भाजपा नेता भंवर सिंह पलाड़ा का जन्मदिन बुधवार को उत्साह, उमंग और जनसमर्थन के अभूतपूर्व माहौल में मनाया गया। | 

राजस्थान न्यूज़: सुप्रीम कोर्ट का फैसला: शांति धारीवाल सहित जेडीए के तीन अधिकारियों पर फिर से होगी आपराधिक सुनवाई, हाईकोर्ट के आदेश रद्द

Post Views 441

November 5, 2024

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद मामले में शामिल सभी पक्षों पर पुनः आपराधिक सुनवाई होगी। हाईकोर्ट को निर्देशित किया कि वह छह महीने के भीतर मामले की सुनवाई पूरी करके अपना फैसला सुनाए।

सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर के बहुचर्चित एकल पट्टा प्रकरण में फैसला सुनाते हुए कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल और जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के तीन तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई बहाल कर दी है।

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्ज्वल भूयान की बेंच ने इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों को रद्द कर दिया है, जिनमें एकल पट्टा मामले में आपराधिक कार्रवाई को समाप्त कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश दिए हैं कि वह मामले की सुनवाई छह महीने में पूरी करके अपना निर्णय दे।

आरटीआई एक्टिविस्ट अशोक पाठक द्वारा दायर की गई विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश जारी किया। पाठक ने हाईकोर्ट के दो आदेशों, जो 17 जनवरी 2023 और 15 नवंबर 2022 को दिए गए थे, के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इन आदेशों में हाईकोर्ट ने जेडीए के तत्कालीन एसीएस जीएस संधू, डिप्टी सचिव निष्काम दिवाकर, और जोन उपायुक्त ओंकारमल सैनी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई को समाप्त कर दिया था।

29 जून 2011 को जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने गणपति कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर शैलेंद्र गर्ग के नाम पर एकल पट्टा जारी किया था। 2013 में रामशरण सिंह नामक परिवादी ने इस मामले की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में की थी। इसके बाद तत्कालीन एसीएस जीएस संधू, डिप्टी सचिव निष्काम दिवाकर, जोन उपायुक्त ओंकारमल सैनी, और शैलेंद्र गर्ग समेत दो अन्य को गिरफ्तार किया गया और एसीबी ने उनके खिलाफ चालान पेश किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जेडीए ने 25 मई 2013 को एकल पट्टा निरस्त कर दिया। हालांकि, इस प्रकरण में एसीबी ने समय-समय पर तीन क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत कीं, जिनमें आरोपियों को क्लीन चिट दी गई। हाईकोर्ट ने 17 जनवरी 2023 को अपने आदेश में एसीबी द्वारा आरोपियों के खिलाफ दायर चार्जशीट को वापस लेने के निर्णय को सही ठहराया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने अब हाईकोर्ट के दोनों आदेशों को रद्द कर दिया है।

विधायक शांति धारीवाल को भी इस मामले में झटका लगा है। परिवादी ने उन्हें आरोपी बनाने का प्रार्थना पत्र एसीबी कोर्ट में प्रस्तुत किया था, जिसे लेकर धारीवाल ने हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने 15 नवंबर 2022 को धारीवाल को राहत देते हुए उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई समाप्त कर दी थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को भी रद्द कर दिया है, जिससे धारीवाल के खिलाफ फिर से सुनवाई शुरू हो सकती है।

गहलोत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अप्रैल 2024 में प्रस्तुत एफिडेविट में धारीवाल समेत सभी आरोपियों को क्लीन चिट दी थी। हालांकि, कुछ समय बाद सरकार ने यू-टर्न लेते हुए नया एफिडेविट पेश किया, जिसमें कहा गया कि तीन अधिकारियों और शांति धारीवाल के खिलाफ आपराधिक मामला बनता है। यह यू-टर्न और सुप्रीम कोर्ट का ताजा आदेश, राज्य के प्रशासन और राजनीतिक क्षेत्र में हलचल मचा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद मामले में शामिल सभी पक्षों पर पुनः आपराधिक सुनवाई होगी। हाईकोर्ट को निर्देशित किया गया है कि वह छह महीने के भीतर मामले की सुनवाई पूरी करके अपना फैसला सुनाए।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved