For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 140489615
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: पुष्कर उप जिला चिकित्सालय की अव्यवस्थाओं के खिलाफ कांग्रेस का धरना, सीएमएचओ को सौंपा ज्ञापन, |  Ajmer Breaking News: पुष्कर नगर परिषद में शहरी सेवा शिविर आयोजित, आमजन की समस्याओं का मौके पर हुआ समाधान, पात्र नागरिकों को पट्टों का वितरण, |  Ajmer Breaking News: कृष्णगंज थाना क्षेत्र में सूने मकान में चोरी की बड़ी वारदात ,बदमाश मकान के ताले तोड़कर लाखों रुपए के जेवरात और नकदी चोरी कर फरार हो गए। |  Ajmer Breaking News: पिछले 11 दिनों से नगर निगम के अस्थाई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का हुआ पटाक्षेप , |  Ajmer Breaking News: जेएलएन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, अजमेर में दुर्लभ रोगों पर व्याख्यान कार्यक्रम का आयोजन |  Ajmer Breaking News: गाय को राष्ट्रीय पशु का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर मुस्लिम एकता मंच के बैनर तले दरगाह के निजाम गेट से निकाली गई रैली, |  Ajmer Breaking News: परिजनों की मर्जी के खिलाफ विवाह कर प्रेमी युगल पहुंचा जिला मुख्यालय,प्रेमी युगल ने एसपी के समक्ष पेश होकर लगाई सुरक्षा की गुहार, |  Ajmer Breaking News: विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर अजमेर पुलिस और जिला प्रशासन ने निकाली जागरूकता रैली, |  Ajmer Breaking News: पीसांगन थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 15 लाख रुपये के चोरी के आभूषण बरामद |  Ajmer Breaking News: चलती कार बनी आग का गोला, चालक ने कूदकर बचाई जान | 

राजस्थान न्यूज़: सुप्रीम कोर्ट का फैसला: शांति धारीवाल सहित जेडीए के तीन अधिकारियों पर फिर से होगी आपराधिक सुनवाई, हाईकोर्ट के आदेश रद्द

Post Views 391

November 5, 2024

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद मामले में शामिल सभी पक्षों पर पुनः आपराधिक सुनवाई होगी। हाईकोर्ट को निर्देशित किया कि वह छह महीने के भीतर मामले की सुनवाई पूरी करके अपना फैसला सुनाए।

सुप्रीम कोर्ट ने जयपुर के बहुचर्चित एकल पट्टा प्रकरण में फैसला सुनाते हुए कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल और जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के तीन तत्कालीन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई बहाल कर दी है।

जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्ज्वल भूयान की बेंच ने इस मामले में राजस्थान हाईकोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों को रद्द कर दिया है, जिनमें एकल पट्टा मामले में आपराधिक कार्रवाई को समाप्त कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट को निर्देश दिए हैं कि वह मामले की सुनवाई छह महीने में पूरी करके अपना निर्णय दे।

आरटीआई एक्टिविस्ट अशोक पाठक द्वारा दायर की गई विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) पर सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश जारी किया। पाठक ने हाईकोर्ट के दो आदेशों, जो 17 जनवरी 2023 और 15 नवंबर 2022 को दिए गए थे, के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इन आदेशों में हाईकोर्ट ने जेडीए के तत्कालीन एसीएस जीएस संधू, डिप्टी सचिव निष्काम दिवाकर, और जोन उपायुक्त ओंकारमल सैनी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई को समाप्त कर दिया था।

29 जून 2011 को जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने गणपति कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर शैलेंद्र गर्ग के नाम पर एकल पट्टा जारी किया था। 2013 में रामशरण सिंह नामक परिवादी ने इस मामले की शिकायत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में की थी। इसके बाद तत्कालीन एसीएस जीएस संधू, डिप्टी सचिव निष्काम दिवाकर, जोन उपायुक्त ओंकारमल सैनी, और शैलेंद्र गर्ग समेत दो अन्य को गिरफ्तार किया गया और एसीबी ने उनके खिलाफ चालान पेश किया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जेडीए ने 25 मई 2013 को एकल पट्टा निरस्त कर दिया। हालांकि, इस प्रकरण में एसीबी ने समय-समय पर तीन क्लोजर रिपोर्ट प्रस्तुत कीं, जिनमें आरोपियों को क्लीन चिट दी गई। हाईकोर्ट ने 17 जनवरी 2023 को अपने आदेश में एसीबी द्वारा आरोपियों के खिलाफ दायर चार्जशीट को वापस लेने के निर्णय को सही ठहराया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने अब हाईकोर्ट के दोनों आदेशों को रद्द कर दिया है।

विधायक शांति धारीवाल को भी इस मामले में झटका लगा है। परिवादी ने उन्हें आरोपी बनाने का प्रार्थना पत्र एसीबी कोर्ट में प्रस्तुत किया था, जिसे लेकर धारीवाल ने हाईकोर्ट में अपील की थी। हाईकोर्ट ने 15 नवंबर 2022 को धारीवाल को राहत देते हुए उनके खिलाफ आपराधिक कार्रवाई समाप्त कर दी थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश को भी रद्द कर दिया है, जिससे धारीवाल के खिलाफ फिर से सुनवाई शुरू हो सकती है।

गहलोत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अप्रैल 2024 में प्रस्तुत एफिडेविट में धारीवाल समेत सभी आरोपियों को क्लीन चिट दी थी। हालांकि, कुछ समय बाद सरकार ने यू-टर्न लेते हुए नया एफिडेविट पेश किया, जिसमें कहा गया कि तीन अधिकारियों और शांति धारीवाल के खिलाफ आपराधिक मामला बनता है। यह यू-टर्न और सुप्रीम कोर्ट का ताजा आदेश, राज्य के प्रशासन और राजनीतिक क्षेत्र में हलचल मचा सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद मामले में शामिल सभी पक्षों पर पुनः आपराधिक सुनवाई होगी। हाईकोर्ट को निर्देशित किया गया है कि वह छह महीने के भीतर मामले की सुनवाई पूरी करके अपना फैसला सुनाए।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved