For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 142263226
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी,अजमेर जिले के लगभग 1.65 लाख किसानों को मिला लाभ, |  Ajmer Breaking News: पर्यटन नगरी के रूप में उभर रहा अजमेर हर क्षेत्र में हुआ विकास- श्री देवनानी विधानसभा अध्यक्ष ने शनिवार को किया विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास |  Ajmer Breaking News: नागौर: परबतसर में कोबरा का आतंक, एक ही गांव की दो महिलाओं को डसा, जेएलएन अस्पताल में भर्ती |  Ajmer Breaking News: अजमेर: डॉक्टर की अपॉइंटमेंट के नाम पर साइबर ठगी, महिला के खाते से उड़े 5.80 लाख रुपये |  Ajmer Breaking News: अजमेर: प्रॉपर्टी डीलर के ऑफिस पर बदमाशों का धावा, थार जीप में की तोड़फोड़, रंगदारी का आरोप |  Ajmer Breaking News: किशनगढ़ में सिरफिरे बदमाश ने घर के बाहर खड़ी दो गाड़ियों को किया आग के हवाले, वारदात CCTV में कैद |  Ajmer Breaking News: सेंचुरी शिक्षा संस्थान द्वारा गृहणियों एवं महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए पुष्कर रोड सेंचुरी स्कूल में लगाई प्रदर्शनी लगाई गई |  Ajmer Breaking News: जवाहर लाल नेहरू चिकित्सालयअजमेर में पित्ताशय कैंसर की पहली लेप्रोस्कोपिक रेडिकल सर्जरी सफल |  Ajmer Breaking News: जवाहर लाल नेहरू अस्पताल अजमेर में रोबोटिक सर्जरी से हार्ट का सफल ऑपरेशन  |  Ajmer Breaking News: अचानक आई बाढ़ के दौरान वरुण सागर में फंसे ग्रामीणों को किया रेस्क्यू, जिला प्रशासन ने मानसून पूर्व बाढ़ और जल भराव की स्थिति से निपटने के लिए की मॉक ड्रिल | 

राजस्थान न्यूज़: राजस्थान में पुरानी आबादी की भूमि के पट्टे महंगे, 8 गुना बढ़ा शुल्क; स्वायत्त शासन विभाग ने जारी की नई अधिसूचना

Post Views 101

November 5, 2024

नई अधिसूचना के अनुसार, फ्री होल्ड पट्टा प्राप्त करने के लिए शुल्क को आठ गुना बढ़ाकर 200 रुपए प्रति वर्गमीटर कर दिया गया है। पहले यह दर 25 रुपए प्रति वर्गमीटर थी।

राजस्थान के शहरी इलाकों में पुरानी आबादी की भूमि के पट्टे लेना अब आम लोगों के लिए महंगा हो गया है। राज्य के स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार, फ्री होल्ड पट्टा प्राप्त करने के लिए शुल्क को आठ गुना बढ़ाकर 200 रुपए प्रति वर्गमीटर कर दिया गया है। पहले यह दर 25 रुपए प्रति वर्गमीटर थी। हालांकि, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान प्रशासन शहरों के संग अभियान में लोगों को विशेष छूट देकर 501 रुपए में पट्टा जारी किया गया था। लेकिन इस छूट का समय समाप्त हो चुका है, और अब आवेदकों को नई दरों के अनुसार ही भुगतान करना होगा।

इस बदलाव के कारण 100 वर्गमीटर भूमि के पट्टे के लिए अब 20,000 रुपए का शुल्क अदा करना पड़ेगा, जो पहले केवल 2,500 रुपए था। इसके साथ ही, पट्टा प्राप्त करने के इच्छुक आवेदकों को आवेदन करते समय यह शुल्क शहरी निकाय में जमा करना अनिवार्य होगा। इस नई व्यवस्था के तहत स्वनिर्धारण के जरिए शुल्क का भुगतान किया जा सकेगा।

निकाय अधिकारियों के अधिकारों में कटौती

सरकार ने नगर निकायों में भूमि पट्टा जारी करने के लिए अधिकारियों के अधिकारों में भी कटौती की है। पहले निकायों में नियुक्त अधिशासी अधिकारी 500 वर्गमीटर तक की भूमि का पट्टा अपने स्तर पर जारी कर सकते थे, जबकि 501 से 5000 वर्गमीटर तक की भूमि का पट्टा जारी करने का अधिकार बोर्ड के पास था। इसके अलावा, 5000 वर्गमीटर से अधिक भूमि के पट्टे के मामले में फाइल सरकार के पास भेजी जाती थी।

अब नए नियमों के अनुसार, अधिशासी अधिकारी केवल 300 वर्गमीटर तक की भूमि के पट्टे जारी कर सकेंगे, जबकि बोर्ड स्तर पर 301 से 1500 वर्गमीटर तक के पट्टे दिए जा सकेंगे। 1500 वर्गमीटर से अधिक की भूमि के पट्टे के लिए फाइल अब सीधे राज्य सरकार को भेजनी होगी।

इस संशोधन से शहरी क्षेत्रों में भूमि पट्टा प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक जटिल और खर्चीली हो गई है। कई नागरिकों और संगठनों का मानना है कि बढ़े हुए शुल्क और अधिकारों में कटौती के कारण आम लोगों के लिए भूमि पट्टा प्राप्त करना अधिक चुनौतीपूर्ण होगा। वहीं, सरकार का कहना है कि इस कदम से भूमि के दुरुपयोग पर अंकुश लगेगा और शहरी विकास के कार्यों में पारदर्शिता आएगी।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved