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January 12, 2023
12 जनवरी 2023 को अधिवक्ता परिषद राजस्थान, चित्तौड़ प्रांत ,अजमेर इकाई द्वारा "युवा दिवस" बार एसोसिएशन अजमेर के हॉल परिसर मे आयोजित किया गया,
कार्यक्रम की जानकारी देते हुए अधिवक्ता परिषद अजमेर इकाई के महामंत्री जे. पी शर्मा ने बताया कि युग प्रवर्तक हम सभी के प्रेरणा पुंज स्वामी विवेकानंद जी की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए हर वर्ष अधिवक्ता परिषद द्वारा युवा दिवस का आयोजन किया जाता है जिससे युवा अधिवक्ताओ को युवाओं के आदर्श स्वामी विविकानंद जी राष्ट्रवादी विचारो से जोड़ा रखा जा सके
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि स्वामी विवेकानद केन्द्र के डॉ स्वतंत्र कुमार ने बताया कि विवेकानंद जी के विचारों मे वह क्रांति और तेज था,जो आज भी युवाओं में नई ऊर्जा और सकारात्कमता का संचार कर, प्रेरित करता है,हर साल 12 जनवरी को देशभर में राष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। देश के युवाओं को समर्पित इस दिन को मनाने का एक खास मकसद होता है। दरअसल, इस दिन स्वामी विवेकानंद का जन्मदिन होता है, स्वामी जी का जन्म 12 जनवरी 1863 को कोलकाता में हुआ था, उनका असली नाम नरेंद्रनाथ दत्त था, बचपन से ही आधात्म में रूचि रखने वाले नरेंद्रनाथ ने 25 साल की उम्र में संन्यास ले लिया था। संन्यास लेने के बाद वह दुनियाभर में विवेकानंद नाम से मशहूर हुए। वह वेदांत के एक विख्यात और प्रभावशाली आध्यात्मिक गुरु थे। उन्हीं की याद में हर साल स्वामी जी की जयंती पर युवा दिवस को मनाया जाता है,
अपने विचारों और आर्दशों के लिए मशहूर स्वामी विवेकानंद धर्म, दर्शन, इतिहास, कला, सामाजिक विज्ञान, साहित्य सभी के ज्ञाता थे। इतना ही नहीं वह भारतीय संगीत के ज्ञानी होने के साथ ही एक बेहद अच्छे खिलाड़ी भी थे। उनकी इन्हीं खूबियों की वजह से उनका व्यक्तित्व सभी के लिए प्रेरणा का स्त्रोत रहा है। उन्होंने कई मौकों पर युवाओं के लिए अपने अनमोल विचार भी साझा किए। ऐसे में इस दिवस को इस मसकद से मनाया जाता है कि युवा इस खास मौके पर यह सोच सकें कि वह देश और समाज के लिए क्या कर सकते हैं। साथ ही यह दिन उन्हें यह सोचने का भी अवसर देता है कि वह देश के विकास और प्रगति में कैसे अपना योगदान दे सकते हैं
मुख्य वक्ता एडवोकेट संदीप यादव ने युवा अधिवक्ता का व्यवहार माननीय न्यायालय मे तथा वरिष्ठ अधिवक्ताओं के प्रति किस प्रकार का हो इस विषय पर युवा अधिवक्ताओ को जानकारी देते हुए कहा कि एक अधिवक्ता का अपने विरोधी अधिवक्ता व विरोधी मुवक्किल के प्रति भी सम्मान का भाव रखे,एक अधिवक्ता को विरोधी पक्ष का प्रतिनिधित्व करने वाले अधिवक्ता के साथ मुकदमे से सम्बन्धित सीधे बातचीत नहीं करनी चाहिए, इसके अलावा, अधिवक्ताओ को अपने विपक्ष को किए गए वैध वादों को पूरा करने की पूरी कोशिश करनी चाहिए, जैसे कि न्यायालय की तारीख पर उपस्थित होना,समय पर याचिकाओं का मसौदा तैयार करना, प्रति दिन की तारीख पेशी प्रति दिन ही करना आदि
अधिवक्ता परिषद इकाई की कार्यकारिणी सदस्य भरत कुमावत ने अधिवक्ता परिषद की जानकारी देते हुए कहा कि अधिवक्ता परिषद् अधिवक्ताओं का एक ऐसा संगठन है जिसमें राष्ट्वादी सोच,सामाजिक उत्तरदायित्व का भाव तथा अपनी बौद्धिक शक्ति से एक्टिविस्ट के रूप में समाज में काम करने व देश मे जो काफी गरीबी है एंव सामाजिक असमानता है समाज के अन्दर सामाजिक चेतना को जागृत करना, मानवाधिकार, पर्यावरण, स्त्री पुरूष समानता, सामाजिक न्याय के विषयों एंव संसदीय लोकतंत्र में हमारी क्या भूमिका हो सकती है इन्ही सब विषयों पर काम करने वाले अधिवक्ताओं का एक संगठन है जो न्याय मम् धर्मः अर्थात न्याय दिलाना ही मेरा धर्म है इस ध्येय वाक्य के साथ काम कर रही है
युवा वक्ता विधु शर्मा ने समाज की युवा अधिवक्ताओं से अपेक्षा के विषय पर अपने विचार रखते हुए कहा कि हम वकालत को व्यवसाय का पेशा न मान कर सेवा का एक माध्यम मान कर कार्य करे,युवा ही देश का भविष्य होते है ऐसे युवा और अधिवक्ता जब दो महत्वपूर्ण कड़ी एक हो तो जिम्मेदारी और बड़ जाती है युवा अधिवक्ता समाज कल्याण के लिए भी कई कार्य अपनी वकालत के माध्यम से कर सकते है जिसका लाभ समाज को हो
कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता माधव सिंह राणा व रवीना सागर ने किया कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद अधिवक्ता परिषद अजमेर इकाई के अध्यक्ष एडवोकेट अशोक अग्रवाल ने दिया
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