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July 11, 2022
भगवान शिव और मां गौरी की आराधना का पवित्र मास श्रावण मास 14 जुलाई से आरंभ होने जा रहा है। केसर गंज स्थित गंगेश्वर महादेव मंदिर के ज्योतिषाचार्य पंडित तरुण कुमार शर्मा और पंडित आकाश कुमार पांडे ने बताया कि 13 जुलाई को गुरु पूर्णिमा है, 14 जुलाई से पवित्र श्रावण मास प्रारंभ होगा जो रक्षाबंधन 11 अगस्त तक चलेगा। इस दरमियान चार सोमवार आएंगे। उन्होंने बताया कि पवित्र श्रावण मास में भगवान शिव और मां गौरी की विशेष आराधना की जाती है। भक्तजन जलधारा का आयोजन करते हैं तो वहीं कुंवारी कन्याएं सुयोग्य वर के लिए मां गौरी की पूजा अर्चना और आराधना कर व्रत उपवास रखती हैं। विवाहित स्त्रियां अपने पति और पुत्र की दीर्घायु व परिवार की मंगल कामना के लिए व्रत उपवास रखती हैं। श्रावण मास में शिवालयों में सुबह से रात तक पूजा-अर्चना के दौर चलते हैं। भगवान शिव और शिवलिंग का विशेष श्रंगार, पंचामृत अभिषेक कर पूजा अर्चना की जाती है। बेलपत्र धतूरे आंकड़े के फूल और इत्र भगवान शिव को समर्पित किया जाता है। इस तरह से पूरे श्रावण मास के दौरान भगवान शिव और मां गौरी की विशेष आराधना करते हुए भक्त सहस्त्रधारा का आयोजन कर प्रसादी क करते हैं। यह मास विशेष और मंगल फलदाई कहलाता है। इस मास में कांवड यात्राओं का दौर भी चलता है। सरोवर, जलाशय नदियों से पवित्र जल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाता है।
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