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July 4, 2022
राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ एकीकृत के बैनर तले राज्य कर्मचारियों ने एकीकृत महासंघ के जिला अध्यक्ष कांति कुमार शर्मा के नेतृत्व में जिला कलेक्टर को प्रदेश के मुख्यमंत्री और राजस्व मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर रेवेन्यू बोर्ड के विघटन के लिए की जा रही कार्रवाई को तत्काल रोकने की मांग की है। कांति कुमार शर्मा और गुरमीत सिंह लबाना ने बताया कि राव कमीशन के माध्यम से 1 नवंबर 1959 को रेवेन्यू बोर्ड अजमेर को विरासत में मिला था। इसके बाद से ही तत्कालीन राज्य सरकारों द्वारा इसके विघटन की दमनकारी नीति अपनाई जा रही है। जिसे अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि सरकार ने चेतावनी के बावजूद भी रेवेन्यू बोर्ड का विघटन करने के प्रयास किए तो उसके गंभीर परिणाम भी भुगतने होंगे। उन्होंने बताया कि रेवेन्यू बोर्ड के पुराने स्वरूप से छेड़छाड़ कर कभी शाखाएं तोड़ी जाती हैं तो कभी इसकी शक्तियां कम की जाती हैं। इससे पूर्व भी आरटीएस, सेल टैक्स, आईजी स्टैंप और आरटीओ को रेवेन्यू बोर्ड से अलग कर बोर्ड के दायरे को सीमित कर दिया गया। अब फिर से विकेंद्रीकरण और विघटन की कार्यवाही कर जयपुर में आयुक्तालय खोलने की कवायद की जा रही है जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे। जरूरत पड़ी तो अजमेर शहर की आम जनता, सभी विभागों के कर्मचारी, जनप्रतिनिधि मिलकर एक उग्र आंदोलन करेंगे जिसका विरोध राज्य सरकार को झेलना होगा।
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