For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 124967337
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: श्री मानस मण्डल का 72वां स्थापना दिवस महोत्सव 11 अप्रैल शनिवार को |  Ajmer Breaking News: रामगंज थाना पुलिस की नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, महिला को स्मैक ओर एमडी मादक पदार्थ के साथ पकड़ा, एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज  |  Ajmer Breaking News: दरगाह थाना पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, जियारत करने आए जायरिनों के मोबाइल चुराने वाले गिरोह के पांच आरोपी गिरफ्तार, चोरी के 25 मोबाइल बरामद  |  Ajmer Breaking News: अजमेर ट्रैफिक पुलिस ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर में नो पार्किंग में खड़े दोपहिया वाहन किए जप्त, ट्रक में भर कर पहुंचाया ट्रैफिक कार्यालय एमवी एक्ट में की कार्रवाई,  |  Ajmer Breaking News: माथुर वैश्य जनहित सोसाइटी द्वारा समाज हित में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत 800 वर्ग फीट भूमि पर निर्मित होने वाले बहुमंजिला सामुदायिक भवन का भूमि पूजन |  Ajmer Breaking News: पुष्कर में शत गायत्री पुरुषचरण महायज्ञ में शामिल हुए राज्यमंत्री ओटाराम देवासी, संतों से लिया आशीर्वाद |  Ajmer Breaking News: जिला कलक्टर लोक बंधु की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला निष्पादन समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित |  Ajmer Breaking News: अजमेर में अवैध पिस्टल के साथ युवक गिरफ्तार, विधि से संघर्षरत किशोर भी निरुद्ध। |  Ajmer Breaking News: पुलिस थाना कृष्णगंज अजमेर ने साईबर फ्रॉड के खिलाफ की प्रभावी कार्यवाही, साईबर अपराध में प्रयुक्त बैंक खाता धारक के खिलाफ ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत प्रकरण दर्ज। |  Ajmer Breaking News: अटल जन सेवा शिविर आयोजित. जिला कलक्टर ने केकड़ी में की जनसुनवाई | 

राष्ट्रीय न्यूज़: रोहतक के किसान की बेटी ने जूडो-63 किग्रा वर्ग में जीता स्वर्ण

Post Views 121

May 1, 2022

भारतीय खेल प्राधिकरण, भोपाल में प्रशिक्षु प्रीति गुलिया ने पिता की आशा को पूरा करने के लिए घुटने की चोट पर विजय पाई

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2021 में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने के लिए जब प्रीति गुलिया बेंगलुरु के लिए रवाना हुईं, तो उनके किसान पिता की उनसे एक ही अपील थी: इस बार स्वर्ण पदक हासिल करना, बेटा।हरियाणा के रोहतक जिले में जाट समुदाय से, प्रीति को अपने समुदाय में कभी भी रूढ़िवादिता में नहीं बांधा गया। वास्तव में, उनके परिवार ने जूडो के खेल में उनकी प्रतिभा का समर्थन किया और उनके बढ़ते करियर में यहीं उनकी बढ़ती क्षमता का एक बड़ा स्रोत रहा है। उन्होंने कहा “मेरी एक बड़ी बहन और एक छोटा भाई है, लेकिन मेरे परिवार ने हमेशा मुझे अपने बेटे की तरह माना है, और मुझे कभी भी जूडो में करियर बनाने से नहीं रोका। वास्तव में, आर्थिक बाधाओं के बावजूद, वे सुनिश्चित करते हैं कि मेरे पास एक बेहतर जुडोका बनने के लिए आवश्यक सभी चीजें होनी चाहिए और मैं उन्हें गौरवान्वित करने के लिए अपना संपूर्ण परिश्रम करूँगी।”खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए भोपाल आने के बाद, प्रीति ने अपने बेहतर प्रदर्शन के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण, भोपाल के अपने मुख्य प्रशिक्षक अजय सिंह रूहिल की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा “मैं पिछले दो वर्षों से अजय सिंह के अधीन प्रशिक्षण ले रही हूं। जबकि घर पर मैंने अपने बचपन में प्रशिक्षकों से मूल गुर सीखे, आज मैं जो कुछ भी कर पा रही हूं वह अजय सर की वजह से है। वह मुझे प्रेरित करते हैं और मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरणा देते हैं और मेरा पूरा समर्थन करते हैं।"प्रीति के लिए यह जीत और भी सुखद है क्योंकि उन्होंने अपने स्वर्ण पदक जीतने के करियर में खतरा बनी घुटने की चोट पर विजय पायी। दृढ़ निश्चय से परिपूर्ण प्रीति ने कहा- “2017 में मेरा घुटना चोटिल हो गया था, और 2018 में मेरी सर्जरी हुई थी। हाल ही में सीनियर स्टेट में भी, मुझे एक बार फिर उसी घुटने में चोट लगी लेकिन मैं केआईयूजी 2021 में अच्छा प्रदर्शन करने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती थी, इसलिए मैंने अपना घुटना इतना कसकर बांध लिया कि मुझसे  आज झुका भी नहीं जा रहा था। लेकिन कुछ  भी हो जाए मुझे वास्तव में इसकी  परवाह नहीं थी। मैं बस जीतना चाहती थी।”इसके बाद, अब प्रीति का लक्ष्य भारत के लिए पदक जीतने पर है। उन्होंने कहा "मैं अपने वर्ग में एक चैंपियन बनना चाहती हूं और मैं उस स्तर तक पहुंचने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगी। अब तक, मैंने केवल एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में भाग लिया है और मेरा अगला लक्ष्य भारत के लिए पदक जीतना है।"इसलिए, जब उसने शुक्रवार को 63 किग्रा महिला जूडो फाइनल में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की अपनी प्रतिद्वंद्वी उन्नति शर्मा को हराया तो प्रीति की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। उन्होंने कहा “मेरे पिता ने मुझसे केवल एक ही बात कही थी, जाओ इस बार गोल्ड जीतो और इन्हीं शब्दों ने मुझे फाइनल में जाने के लिए प्रेरित किया।”ओडिशा के केआईआईटी में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के पिछले संस्करण में प्रीति ने इसी वर्ग में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने कहा कि केवल 25 दिन पहले, वह अखिल भारतीय विश्वविद्यालय में उन्नति से हार गयी थीं। वह उनसे जूनियर नेशनल में भी हार गयी थीं। इसलिए, यहां अपनी प्रतिद्ंदी के खिलाफ खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में जीतना उनके लिए बहुत खास है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved