For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 113573643
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: वाटरशेड महोत्सव एवं मिशन वाटरशेड पुनरुत्थान अभियान ,संभाग स्तरीय वाटरशेड महोत्सव का आयोजन 6 दिसम्बर को |  Ajmer Breaking News: कनक सागर होटल की पार्किंग में खड़ी कर से सोने के जेवरात से भरा पर्स हुआ चोरी, पीड़िता ने सदर कोतवाली थाने में दर्ज कराया मुकदमा, पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जुटी जांच में |  Ajmer Breaking News: पुष्कर में महात्मा ज्योतिबा फुले की 135वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित |  Ajmer Breaking News: एसआईआर फॉर्म जागरूकता: पुष्कर कॉलेज में नुक्कड़ नाटक से गूंजा संदेश |  Ajmer Breaking News: विश्व प्रसिद्ध सूफ़ी संत हज़रत ख़्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह शरीफ़ में निर्माता, निर्देशक, एक्टर और राइटर जीशान क़ादरी ने ज़ियारत की मखमली चादर और फूल पेश किए । |  Ajmer Breaking News: राजस्थान महिला कल्याण मण्डल ने अजमेर जिले को बाल विवाह मुक्त करने का लिया संकल्प, |  Ajmer Breaking News: विधानसभा अध्यक्ष  वासुदेव देवनानी ने सड़क निर्माण कार्यों का किया शुभारंभ |  Ajmer Breaking News: सेशन कोर्ट चौराहा बस स्टैंड के पास कचरा से भरा नगर निगम का ट्रैक्टर पलटा, काफी देर तक यातायात रहा बाधित |  Ajmer Breaking News: पुष्कर में कांग्रेस की रणनीतिक बैठक, बीएलए को दिया गया खास प्रशिक्षण |  Ajmer Breaking News: महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि 28 नवंबर 2025 को मनाई गई। इस मौके पर महात्मा फुले की शिक्षा समानता और न्याय की विरासत और इतिहास में फूले के योगदान को स्मरण किया गया । | 

राष्ट्रीय न्यूज़: रोहतक के किसान की बेटी ने जूडो-63 किग्रा वर्ग में जीता स्वर्ण

Post Views 61

May 1, 2022

भारतीय खेल प्राधिकरण, भोपाल में प्रशिक्षु प्रीति गुलिया ने पिता की आशा को पूरा करने के लिए घुटने की चोट पर विजय पाई

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2021 में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने के लिए जब प्रीति गुलिया बेंगलुरु के लिए रवाना हुईं, तो उनके किसान पिता की उनसे एक ही अपील थी: इस बार स्वर्ण पदक हासिल करना, बेटा।हरियाणा के रोहतक जिले में जाट समुदाय से, प्रीति को अपने समुदाय में कभी भी रूढ़िवादिता में नहीं बांधा गया। वास्तव में, उनके परिवार ने जूडो के खेल में उनकी प्रतिभा का समर्थन किया और उनके बढ़ते करियर में यहीं उनकी बढ़ती क्षमता का एक बड़ा स्रोत रहा है। उन्होंने कहा “मेरी एक बड़ी बहन और एक छोटा भाई है, लेकिन मेरे परिवार ने हमेशा मुझे अपने बेटे की तरह माना है, और मुझे कभी भी जूडो में करियर बनाने से नहीं रोका। वास्तव में, आर्थिक बाधाओं के बावजूद, वे सुनिश्चित करते हैं कि मेरे पास एक बेहतर जुडोका बनने के लिए आवश्यक सभी चीजें होनी चाहिए और मैं उन्हें गौरवान्वित करने के लिए अपना संपूर्ण परिश्रम करूँगी।”खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए भोपाल आने के बाद, प्रीति ने अपने बेहतर प्रदर्शन के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण, भोपाल के अपने मुख्य प्रशिक्षक अजय सिंह रूहिल की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा “मैं पिछले दो वर्षों से अजय सिंह के अधीन प्रशिक्षण ले रही हूं। जबकि घर पर मैंने अपने बचपन में प्रशिक्षकों से मूल गुर सीखे, आज मैं जो कुछ भी कर पा रही हूं वह अजय सर की वजह से है। वह मुझे प्रेरित करते हैं और मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरणा देते हैं और मेरा पूरा समर्थन करते हैं।"प्रीति के लिए यह जीत और भी सुखद है क्योंकि उन्होंने अपने स्वर्ण पदक जीतने के करियर में खतरा बनी घुटने की चोट पर विजय पायी। दृढ़ निश्चय से परिपूर्ण प्रीति ने कहा- “2017 में मेरा घुटना चोटिल हो गया था, और 2018 में मेरी सर्जरी हुई थी। हाल ही में सीनियर स्टेट में भी, मुझे एक बार फिर उसी घुटने में चोट लगी लेकिन मैं केआईयूजी 2021 में अच्छा प्रदर्शन करने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती थी, इसलिए मैंने अपना घुटना इतना कसकर बांध लिया कि मुझसे  आज झुका भी नहीं जा रहा था। लेकिन कुछ  भी हो जाए मुझे वास्तव में इसकी  परवाह नहीं थी। मैं बस जीतना चाहती थी।”इसके बाद, अब प्रीति का लक्ष्य भारत के लिए पदक जीतने पर है। उन्होंने कहा "मैं अपने वर्ग में एक चैंपियन बनना चाहती हूं और मैं उस स्तर तक पहुंचने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगी। अब तक, मैंने केवल एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में भाग लिया है और मेरा अगला लक्ष्य भारत के लिए पदक जीतना है।"इसलिए, जब उसने शुक्रवार को 63 किग्रा महिला जूडो फाइनल में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की अपनी प्रतिद्वंद्वी उन्नति शर्मा को हराया तो प्रीति की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। उन्होंने कहा “मेरे पिता ने मुझसे केवल एक ही बात कही थी, जाओ इस बार गोल्ड जीतो और इन्हीं शब्दों ने मुझे फाइनल में जाने के लिए प्रेरित किया।”ओडिशा के केआईआईटी में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के पिछले संस्करण में प्रीति ने इसी वर्ग में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने कहा कि केवल 25 दिन पहले, वह अखिल भारतीय विश्वविद्यालय में उन्नति से हार गयी थीं। वह उनसे जूनियर नेशनल में भी हार गयी थीं। इसलिए, यहां अपनी प्रतिद्ंदी के खिलाफ खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में जीतना उनके लिए बहुत खास है।


© Copyright Horizonhind 2025. All rights reserved