For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 132389781
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: उत्तर-पश्चिम रेलवे, अजमेर मंडल द्वारा 15 मई से 5 जून तक विश्व पर्यावरण दिवस अभियान  |  Ajmer Breaking News: जिला कलक्टर ने लिया पीएम ई-बस सेवा के अंतर्गत निर्माणाधीन बस डिपो का जायजा |  Ajmer Breaking News: एफ.सी.आई रेलहेड डिपो में युवाओं ने समझी खाद्यान्न परिवहन व्यवस्था |  Ajmer Breaking News: NEET 2026 पेपर लीक और परीक्षा रद्द करने के प्रकरण में देहात जिला कांग्रेस का जिला कलेक्ट्रेट पर विरोध प्रदर्शन, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का  फूंका पुतला |  Ajmer Breaking News: अजमेर के कृष्णगंज थाना अंतर्गत लोहागल रोड पर मंगलवार देर रात 5 नकाबपोश बदमाशों ने पेट्रोल छिड़क कर कबाड़ के गोदाम में आग लगा दी। |  Ajmer Breaking News: अलवर गेट थाना अंतर्गत रहने वाली महिला ने अपने परिचित पर 3 साल तक शादी का झांसा देकर देह शोषण का लगाया आरोप, |  Ajmer Breaking News: अजमेर आदर्श नगर थाना क्षेत्र पालरा क्षेत्र में दिनदहाड़े सूने मकान में चोरी की वारदात, सोने-चांदी के जेवर व 60 हजार नकद ले उड़े चोर |  Ajmer Breaking News: अजमेर में तेज गर्मी लोगों के पसीने छुड़ाने लगी है। दिन के साथ अब रातें भी गर्म होने लगी हैं। लगातार तीसरे दिन बुधवार को भी पारा 42 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया। |  Ajmer Breaking News: दौराई पंचायत में रेलवे सुरक्षा पर महा बैठक ,वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त दीपक कुमार आजाद ने दिलाई शपथ, |  Ajmer Breaking News: जिला स्पेशल टीम अजमेर व पुलिस थाना कृष्णगंज अजमेर द्वारा करोडों रूपये के ऑनलाईन क्रिकेट सट्टा के विरूद्ध की बडी कार्यवाहीः | 

राष्ट्रीय न्यूज़: रोहतक के किसान की बेटी ने जूडो-63 किग्रा वर्ग में जीता स्वर्ण

Post Views 121

May 1, 2022

भारतीय खेल प्राधिकरण, भोपाल में प्रशिक्षु प्रीति गुलिया ने पिता की आशा को पूरा करने के लिए घुटने की चोट पर विजय पाई

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स 2021 में महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने के लिए जब प्रीति गुलिया बेंगलुरु के लिए रवाना हुईं, तो उनके किसान पिता की उनसे एक ही अपील थी: इस बार स्वर्ण पदक हासिल करना, बेटा।हरियाणा के रोहतक जिले में जाट समुदाय से, प्रीति को अपने समुदाय में कभी भी रूढ़िवादिता में नहीं बांधा गया। वास्तव में, उनके परिवार ने जूडो के खेल में उनकी प्रतिभा का समर्थन किया और उनके बढ़ते करियर में यहीं उनकी बढ़ती क्षमता का एक बड़ा स्रोत रहा है। उन्होंने कहा “मेरी एक बड़ी बहन और एक छोटा भाई है, लेकिन मेरे परिवार ने हमेशा मुझे अपने बेटे की तरह माना है, और मुझे कभी भी जूडो में करियर बनाने से नहीं रोका। वास्तव में, आर्थिक बाधाओं के बावजूद, वे सुनिश्चित करते हैं कि मेरे पास एक बेहतर जुडोका बनने के लिए आवश्यक सभी चीजें होनी चाहिए और मैं उन्हें गौरवान्वित करने के लिए अपना संपूर्ण परिश्रम करूँगी।”खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए भोपाल आने के बाद, प्रीति ने अपने बेहतर प्रदर्शन के लिए भारतीय खेल प्राधिकरण, भोपाल के अपने मुख्य प्रशिक्षक अजय सिंह रूहिल की भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा “मैं पिछले दो वर्षों से अजय सिंह के अधीन प्रशिक्षण ले रही हूं। जबकि घर पर मैंने अपने बचपन में प्रशिक्षकों से मूल गुर सीखे, आज मैं जो कुछ भी कर पा रही हूं वह अजय सर की वजह से है। वह मुझे प्रेरित करते हैं और मुझे अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए प्रेरणा देते हैं और मेरा पूरा समर्थन करते हैं।"प्रीति के लिए यह जीत और भी सुखद है क्योंकि उन्होंने अपने स्वर्ण पदक जीतने के करियर में खतरा बनी घुटने की चोट पर विजय पायी। दृढ़ निश्चय से परिपूर्ण प्रीति ने कहा- “2017 में मेरा घुटना चोटिल हो गया था, और 2018 में मेरी सर्जरी हुई थी। हाल ही में सीनियर स्टेट में भी, मुझे एक बार फिर उसी घुटने में चोट लगी लेकिन मैं केआईयूजी 2021 में अच्छा प्रदर्शन करने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती थी, इसलिए मैंने अपना घुटना इतना कसकर बांध लिया कि मुझसे  आज झुका भी नहीं जा रहा था। लेकिन कुछ  भी हो जाए मुझे वास्तव में इसकी  परवाह नहीं थी। मैं बस जीतना चाहती थी।”इसके बाद, अब प्रीति का लक्ष्य भारत के लिए पदक जीतने पर है। उन्होंने कहा "मैं अपने वर्ग में एक चैंपियन बनना चाहती हूं और मैं उस स्तर तक पहुंचने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ दूंगी। अब तक, मैंने केवल एक अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप में भाग लिया है और मेरा अगला लक्ष्य भारत के लिए पदक जीतना है।"इसलिए, जब उसने शुक्रवार को 63 किग्रा महिला जूडो फाइनल में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की अपनी प्रतिद्वंद्वी उन्नति शर्मा को हराया तो प्रीति की खुशी का कोई ठिकाना नहीं था। उन्होंने कहा “मेरे पिता ने मुझसे केवल एक ही बात कही थी, जाओ इस बार गोल्ड जीतो और इन्हीं शब्दों ने मुझे फाइनल में जाने के लिए प्रेरित किया।”ओडिशा के केआईआईटी में खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स के पिछले संस्करण में प्रीति ने इसी वर्ग में कांस्य पदक जीता था। उन्होंने कहा कि केवल 25 दिन पहले, वह अखिल भारतीय विश्वविद्यालय में उन्नति से हार गयी थीं। वह उनसे जूनियर नेशनल में भी हार गयी थीं। इसलिए, यहां अपनी प्रतिद्ंदी के खिलाफ खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में जीतना उनके लिए बहुत खास है।


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved