For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 101986100
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: आयुर्वेद विभाग में आईटी के पदों के सृजन के लिए सौंपा ज्ञापन |  Ajmer Breaking News: प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक डॉ. सीमा शर्मा का अजमेर मंडल दौरा |  Ajmer Breaking News: ब्राजील से आयातित गिर गौवंश का सीमन अजमेर में उपलब्ध |  Ajmer Breaking News: मंत्री श्री रावत ने अधिकारियों को दिए त्वरित समस्या समाधान के निर्देश |  Ajmer Breaking News: हाथी खेड़ा ग्राम पंचायत को अजमेर नगर निगम सीमा में शामिल नहीं करने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन, |  Ajmer Breaking News: पुष्कर में भगवान राम को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों और भ्रांतियों को दूर करने के लिये विहिप की और से इस बार पूरे देश मे भव्य राम जन्मोत्सव मनाया जा रहा है |  Ajmer Breaking News: तीर्थनगरी स्थित द्वारिकापुरी कृष्णा निवास में आज से कलश यात्रा के साथ नो दिवसीय अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ हुआ । |  Ajmer Breaking News: अजमेर डेयरी अध्यक्ष श्री रामचन्द्र चौधरी को इण्डियन डेयरी एसोसिएशन फैलोशिप अवार्ड मिलने पर सम्मान के साथ गर्मजोशी से स्वागत किया गया । |  Ajmer Breaking News: रसद विभाग द्वारा घरेलू एलपीजी सिलेण्डरों के अवैध उपयोग की सूचना पर श्रीनगर  क्षेत्र में घरेलू गैस सिलेण्डरों की धरपकड़ का अभियान चलाया गया। |  Ajmer Breaking News: जिला स्तरीय एनसीओआरडी समिति की बैठक आयोजित | 

विशेष: क्या है परिसीमन आयोग , परिसीमन आयोग के कार्य

Post Views 1081

October 6, 2020

नगर पंचायत चुनाव और ग्राम पंचायत चुनावों में परिसीमन आयोग की भूमिका बढ़ गई है

परिसीमन आयोग(Delimitation Commission)

 
 हाल ही में देश में होने वाले नगर पंचायत चुनाव और   ग्राम पंचायत चुनावों में परिसीमन आयोग की भूमिका बढ़ गई है परिसीमन आयोग की  ही अनुशंसा पर  ग्राम पंचायतों और नगर पंचायतों में वार्डो का निर्धारण तथा और अनुसूचित जाति व जनजाति की सीटों का आरक्षण होना है  


क्या है परिसीमन आयोग 

 संविधान के अनुच्छेद 82 में लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं का निर्धारण के लिए सरकार हर दस साल में परिसीमन आयोग का गठन करती है।लेकिन यह जरूरी नहीं है की परिसीमन आयोग का गठन हर 10 साल बाद ही हो, क्योंकि अब तक मात्र चार परिसीमन आयोगो  का ही गठन हुआ है,  परिसीमन आयोग ,जिसे भारतीय सीमा आयोग भी कहा जाता है। आयोग सीटों की संख्या में तब्दीली नहीं कर सकता। बल्की ये जनगणना के बाद सही आंकड़ों से सीटों की सीमाएं और अनुसूचित जाति और जनजाति के लिए भी सीटों की संख्या आरक्षित करता है। परिसीमन आयोग की सिफारिशें लोकसभा और विधानसभाओं के सामने पेश की जाती हैं। लेकिन उनमें किसी तरह के संशोधन की अनुमति नहीं होती। क्योंकि इस संबंध में सूचना राष्ट्रपति की ओर से जारी की जाती है। परिसीमन आयोग के फैसलों को कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकती है। 1952 से शुरू हुआ ये सफर आज भी लगातार जारी है। 

आइए जानते हैं परिसीमन आयोग के गठन के बारे में और इसके कार्यों के बारे में
 परिसीमन आयोग की नियुक्ति राष्ट्रपति के द्वारा की जाती है  और यह निर्वाचन आयोग के साथ मिलकर काम करता है, परिसीमन आयोग का अध्यक्ष सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश होते हैं ,और भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त इसके पदेन अधिकारी होते हैं, परिसीमन आयोग में राज्यों के निर्वाचन आयुक्त सदस्य भी होते हैं परिसीमन आयोग के आदेश कानून की तहत ही जारी जारी होते हैं उनके आदेशों को किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती  

परिसीमन आयोग हाल ही की जनगणना के अनुसार जनसंख्या के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों की संख्या और सीमा को निर्धारित करता है  और यह सभी मतदाताओं के मताधिकार को सुनिश्चित करता है और जनसंख्या के अनुपात में निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्गठन करता है  ,आयोग एक नागरिक एक वोट की मूल भावना को भी सुरक्षित रखता है , साथ ही  एससी और  एसटी के निर्वाचन क्षेत्रों को निर्धारित करना भी परसीमन आयोग का काम है,

 परिसीमन आयोग का गठन अब तक चार बार हुआ है ,पहले परिसीमन आयोग का गठन 1952 अधिनियम के तहत 1952 में,और दूसरे परिसीमन आयोग का गठन 1962 अधिनियम के तहत 1963 में, तीसरे परिसीमन आयोग का गठन 1972 अधिनियम के तहत 1973  में और चौथे परिसीमन आयोग का गठन 2002 अधिनियम के तहत 2002 में हुआ 2002 परिसीमन आयोग  ने अपनी रिपोर्ट 2007 में पेश की लेकिन परिसीमन आयोग की रिपोर्ट को 2008 में राष्ट्रपति प्रतिभा देवी पाटिल द्वारा मंजूरी दी गई  साथ ही कर्नाटक पहला राज्य बना जिसने 2002 परिसीमन आयोग की रिपोर्ट के बाद विधानसभा चुनाव कराए ,2002 परिसीमन आयोग के अध्यक्ष जस्टिस कुलदीप सिंह रहे ,जस्टिस कुलदीप सिंह की परिसीमन आयोग ने 2026 तक लोकसभा की सीटें निर्धारित की, 2026  तक लोकसभा सीटों में कोई बदलाव नहीं किए जा सकते वर्तमान में लोकसभा में 530 सीटें राज्यों के लिए तथा 13 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए रखी गई हैं,

 sc-st के लिए 131 सीटें निर्धारित की गई है ,जिसमें से एस सी  के लिए 84 सीटें और एसटी के लिए 47 सीटें आरक्षित की गई , ऐस सी  की सीटें सर्वाधिक उत्तर प्रदेश में 16 तथा एसटी की सीटें मध्यप्रदेश में 6  है ,
 देश में नगर पंचायत और ग्राम पंचायत के चुनाव होने वाले हैं, जिसकी तैयारी परिसीमन आयोग की ही अनुशंसा पर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा की जा रही है,  नगर पंचायतों व ग्राम पंचायतों मे   जनसंख्या के आधार पर वार्डों  का निर्धारण और एससी एसटी के लिए सीटों का आरक्षण  परिसीमन आयोग के आधार पर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा ही किया जाना है


© Copyright Horizonhind 2025. All rights reserved