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September 7, 2020
गत माह कांग्रेस सरकार का खून करने पर उतारू पायलट के जन्मदिन पर रक्तदान शिविर
अजमेर के अधिकांश कांग्रेसियों ने अदा की मूँह दिखाई की रस्म - प्रदेश भर में गहलोत खेमे ने किया किनारा।
नरेश राघानी
जब से सचिन पायलट की छाया अजमेर पर पड़ी है। तब से ही टोंक ज़िले से विधायक सचिन पायलट का जन्मदिन और कांग्रेस रत्न स्व. राजेश पायलट का जन्मदिन और पुण्यतिथि अजमेर के कांग्रेसी तीज त्योहार की तरह अजमेर में मनाते आये हैं।
लेकिन इस बार ..... नज़ारा कुछ और ही था। गत माह सरकार गिराने की नाकाम कोशिश करने , और फिर उल्टे पैर घर वापस आने की वजह से शायद पायलट का पार्टी के भीतर कद कमज़ोर पड़ गया है। इसी वजह से इस बार अजमेर का जन्मदिन बहुत फीका दिखाई दिया। लोगों ने सिर्फ अखबारों में विज्ञापन देकर ही इतिश्री कर ली, वह भी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की फोटो साथ चिपका कर । जिसका साफ साफ संदेश है कि राजस्थान में गहलोत नहीं तो कांग्रेस नहीं।
ऐसे में कुछ पायलट के सजातीय गुमनाम चेहरों ने अशोक गहलोत की तस्वीर साथ लगाए बिना फिर पोस्टर लगवाकर गलत संदेश देने का प्रयास किया है। जो कि संभव है कि पायलट के इशारे पर ही हुआ है।
कुछ छुटपुट आयोजनो के अलावा कोई बड़ी उत्साह वर्धक बात दिखाई नहीं दी। दिखाई भी कैसे देगी भाई क्योंकि अभी माह भर पहले ही जो कांग्रेस की पीठ में छुरा भोंकने का असफल प्रयास किया गया है। वह इतनी जल्दी लोगों को भूलने वाला थोड़े ही है लेकिन आज का हाल देखकर यही लगा कि सरकार गिराने की इस नाकाम कोशिश ने अशोक गहलोत को एक अजेय योद्धा की तरह पूरे राजस्थान प्रदेश में पुनःस्थापित किया है । ऐसे में पायलट का ग्राफ में यह कमी आना लाजमी है।
अजमेर में भी पायलट द्वारा लगाई गई पूर्व कांग्रेस कमिटी और कुछ पदाधिकारियों द्वारा कार्यक्रम सोचा गया होगा। लेकिन उसकी जानकारी भी समय पर पूरी तरह से मीडिया को नहीं दी गयी । हो सकता है कि यह गत माह पायलट और सरकार के बीच हुई खींचतान का ही नतीजा है, कि अब पायलट ग्रुप के लोग भी इस तरह से पायलट से केवल मूँह देखी वफ़ा ही निभा रहे हैं।
प्रदेश भर में अशोक गहलोत और पायलट के बीच कन्फ्यूज्ड कांग्रेस नेताओं को तो कॅरोना महामारी ने ही पायलट का जन्मदिन जबरदस्ती मनाने की मुसीबत से बचा लिया है। उन सभी ने कॅरोना का बहाना बना कर इस कार्यक्रम से हाथ जोड़ कर किनारा कर लिया। क्यूँकि सुनाई दिया है कि बाकायदा पायलट के कार्यालय से फोन करके जन्मदिन कार्यक्रम आयोजित करने हेतु कहा जा रहा है। ताकि गत माह हुए राजनीतिक छवि के नुकसान की भरपाई की जा सके। और दिल्ली से राजस्थान आने वाले नए कांग्रेस संगठन प्रभारी अजय माकन को यह झूठा भरम दर्शाया जा सके कि - पायलट राजस्थान की राजनीति में अभी ज़िंदा है !!!
जबकि एक पुराने कांग्रेसी से बात करने पर जब उनसे यह पूछा गया कि - क्यूँ भाई !!! अब क्या बचा है जो जन्मदिन मना रहे हो तो वह बोल पड़ा मधुकर जी !! ये तो बस आखरीआहुति है। इसके बाद पायलट को कोई भी नहीं पूछेगा । क्योंकि हर किसी को अपनी राजनीतिक भविष्य प्यारा है भाई !!! ऐसा नेता किस काम का जो अपने स्वार्थ और अपनी सत्ता पू र्ति के लिए अपने पीछे सैकड़ों लोगों की जिंदगी और राजनैतिक करियर खराब कर दे। यह सब भी इसलिए दिखाई दे रहा है क्योंकि पायलट कार्यालय से फोन आया है। वरना किसी को इतनी फुरसत नहीं है , न ही इतनी श्रद्धा की पायलट का जन्मदिन दिल से मनाए। फिर जिसने माह भर पर पहले ही प्रदेश में व्याप्त कांग्रेस सरकार का लगभग खून करने का प्रयास किया हो वह भी इस तरह से कॅरोना महामारी के दौरान उसके लिए कौन खून देगा ऐसा रक्तदान शिविर आयोजित करना किस सच्चे कांग्रेसी को गले उतरेगा
अब ऐसे हालात में मात्र कांग्रेस पार्टी के नए राजस्थान प्रभारी अजय माकन को दिखाने मात्र के लिए अजमेर के कांग्रेसियों का पायलट के प्रति ऐसा छदम प्रेम किन हदों तक कोई सार सिद्ध करेगा ये तो वक़्त ही बताएगा।
जय श्री कृष्ण
नरेश राघानी
प्रधान संपादक
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