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February 8, 2020
#मधुकर कहिन
समझ सको तो समझ लो भैया वरना पुलिस उठा लेगी
नफरत फैलाओगे तो सबको पकड़ के जेल में डालेगी
नरेश राघानी
पिछले *10-12 सालों से लगातार वैलेंटाइन डे के आसपास तथाकथित धर्म रक्षक गले में पीले पटके डाल डाल कर , सार्वजनिक स्थानों पर उन लड़के लड़कियों को पकड़ कर अपमानित करते हुए दिखाई देते थे। जिनका दोष केवल इतना होता था कि वह साथ साथ कहीं खड़े होकर बातें कर रहे होते हैं।* तथाकथित संस्कृति रक्षकों के अनुसार ये लोग वेलेंटाइन डे के दिन हिंदू धर्म और संस्कृति का अपमान कर रहे होते है ।
*लेकिन पिछले साल ये सभी धर्म रक्षक अजमेर पुलिस की सख्त व्यवस्था के चलते मनमानी नहीं कर पाए थे। जिसकी वजह से शहर ने चैन की सांस ली थी। और यह प्रेम सप्ताह बड़ी शांति से निकल गया था।
इस साल फिर वही ... वैलेंटाइन सप्ताह शुरू हो चुका है। अब तक तो भगवान की कृपा है। और शहर में शांति है। जिसके लिए अजमेर के जिला पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप साधुवाद के पात्र हैं। शहर इस साल भी इस प्रेम सप्ताह के दौरान उनकी तरफ ऐसी ही सुरक्षा की उम्मीद लगाए हुए देख रहा है ।
मुझे याद है जब हम कॉलेज में थे - तब संभ्रांत और लोकप्रिय लोग जिनको वाकई छात्राएं पसंद करती थी, और जिनमे एक आदर्श पुरुष देखती थी । ऐसे लोग इस तरह के वेलेंटाइन डे विरोध में नहीं उतरा करते थे। वेलेंटाइन डे का विरोध करने वाले तत्व अक्सर वही होते थे , जिनको उस जमाने में उनकी गुंडागर्दी और घटिया पन की वजह से , कोई पसंद नहीं करता था। या फिर उस जमाने में कॉलेज में कॉलर ऊपर करके घूमने वाले दादा लोग। जिनकी शकल देख कर ही कोई भी लड़की अपना रास्ता बदल लेती थी । अक्सर ऐसे लोग ही वेलेंटाइन डे का विरोध करते हुए दिखाई देते थे।
उस जमाने में आम लोगों का यह मानना था कि यह लोग विरोध सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि अवसाद के शिकार हैं। इस तरह से विरोध करके अपना फ्रस्ट्रेशन निकालते हैं । बात काफी हद तक सही भी थी ।
आज कॉलेज छोड़े 25 साल हो गए। उसके बाद भी कुछ ऐसे ही फ्रस्ट्रेटेड लोग सड़कों पर वेलेंटाइन डे के दिन जब दिखाई देते हैं - तब भी अंतर्मन में 25 साल पहले कॉलेज में जो विचार आया करते थे वही विचार आते हैं। मेरे ख्याल से यह विचार आप सभी को भी आते ही होंगे । *फिर अपुन ठहरे बैरागी आदमी , अपनी तो समझ में यह नहीं आता कि बात बात पर जातिवाद और नफरत फैला कर राजनीति करने वाले, इन राजनैतिक गुंडों के पास नफरत के लिए दिन 365 दिन है । लेकिन प्यार के नाम पर वैलेंटाइन डे मनाने के लिए एक दिन भी नहीं है ? एक दिन तो राजनीति छोड़ दो यार !!! और प्रेम से रहने दो सबको* ... तुमको तो प्रेम रूपी ईश्वर कभी मिला नही। बाकी लोगों को तो अपने अपने हिस्से का भगवान किसी में ढूढने दो। मेरी बात समझ आए तो ठीक ... नहीं तो कुंवर राष्ट्रदीप की बात तो समझ में आ ही जाएगी। वैसे भी उनके समझाने का तौर तरीका बड़ा ही लाजवाब है ।
समझ सको तो समझ लो भैया वरना पुलिस उठा लेगी
नफरत फैलाओगे तो सबको पकड़ के जेल में डालेगी
जय श्री कृष्ण
नरेश राघानी
9829070307
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