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February 7, 2020
#मधुकर कहिन 2218
शहर के भीड़ भरे क्षेत्रों के सिर पर लटक रही अनहोनी की तलवार
अग्नि शमन दल की पहुँच से बाहर हैं आज तक ये सभी भारी रिहायश वाले इलाके
️नरेश राघानी
देर रात रामगंज पुलिस चौकी के पास । गुरुवार को एक दुकान में भीषण आग लग गई । आग लगने से काफी अफरातफरी मच गई । गनीमत है कि किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ। दमकल की दो गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया। रात करीब 10:30 बजे लगी आग को बुझाने में दमकल विभाग को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी । जिसका कारण था कि गली जहां यह दुकान स्थित थी वह बहुत संकरी थी । और गली संकरी होने की वजह से फायर ब्रिगेड की गाड़ियां वहां तक जाने में तकलीफ महसूस कर रही थी। फिर भी जैसे-तैसे आग पर नियंत्रण कर लिया गया। यह खबर सुबह अखबार में पढ़कर और यह सोचकर बहुत संतुष्टि हुई की चलो कम से कम कोई जनहानि तो नहीं हुई । परंतु मन में एक सवाल भी आया। वह यह कि रामगंज जैसे खुले इलाके में एक संकरी गली की वजह से जब दमकल की गाड़ियां वहां तक नहीं पहुंच पाई, और आग को काबू करने में इतना समय लगा । तो शहर के भीड़ भरे बाजारों में यदि इस तरह की कोई दुर्घटना हो जाए तो अंजाम क्या होगा ? उदाहरण के तौर पर शहर के बीचोंबीच स्थित डिग्गी बाजार में डिग्गी चौक से लेकर भीतर के पूरे बाजार तक, चारों तरफ भयंकर भीड़ का आलम रहता है।दुकानों का अतिक्रमण भी हद से ज्यादा है । साथ ही इस बाजार से सटे रिहायशी इलाके में सैकड़ों मकान है। जिनमें बहुत भारी मात्रा में लोग भी रहते हैं। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती के सालाना उर्स के दौरान तो यहाँ पैर रखने की भी जगह नहीं होती है । ऐसे आलम में ईश्वर ना करें यदि कोई ऐसी अप्रिय घटना घट गई !!! तो दमकल की गाड़ियां आखिर क्या खाकर उस बाजार में घुस पाएंगी ?? और कैसे लोगों को राहत मिलेगी ??
इस मुद्दे पर प्रशासन को गंभीरता से विचार करना चाहिए। क्योंकि यदि 20 फरवरी को शुरू होने वाले उर्स से पहले इस बात की तरफ ध्यान न दिया गया, और इस तरह की कोई घटना इसके दौरान घटित हो गई। तो जान माल की जो हानि होगी उसका उत्तर देना संभव है प्रशासन को भारी पड़ जाए। शहर के भीड़ भरे इलाकों में अधिकांश प्रतिष्ठानों पर आग बुझाने के उपकरण भी नहीं लगे हुए हैं। जो कि ऐसे आपातकाल में आग से आम लोगों की रक्षा करने में मददगार साबित हो सकें। अग्नि शमन केंद्र के पास उपलब्ध दोपहिया वाहनों की संख्या और क्षमता भी कुछ खास अच्छी नहीं है।प्रशासन को चाहिए कि उर्स से पहले ऐसे भारी भीड़ भरे क्षेत्रों में अतिक्रमण को हटाने का प्रयास किया जाए। ताकि इस तरह की किसी आसमानी मुसीबत के अचानक सर पर पड़ने की स्थिति का बखूबी सामना किया जा सके।
विशेष तौर पर डिग्गी बाजार,पुरानी मंडी, घी मंडी, नला बाज़ार, पुराना श्री टाकीज़ , लंगर खाना गली, खादिम मोहल्ला, कड़क्का चौक आदि क्षेत्रों में इस तरह के आपातकाल के एहतियातन इंतेज़ाम की गंभीर आवश्यकता है।
जय श्री कृष्ण
नरेश राघानी
9829070307
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