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January 17, 2020
गलताजी मंदिर (Galtaji Temple) जयपुर के रीगल शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक प्रागैतिहासिक हिंदू तीर्थ स्थल है। अरावली पहाड़ियों द्वारा उल्लिखित, इसमें कई मंदिर, पवित्र कुंड, मंडप और प्राकृतिक झरने हैं। यह आकर्षित मंदिर एक पहाड़ी इलाके के दिल में स्थित है, जो एक खूबसूरत घाट से घिरा है, जो हर साल भारी संख्या में पर्यटकों को अपनी तरफ आकर्षित करता है। आपको बता दें कि गलताजी मंदिर का निर्माण गुलाबी रंग के बलुआ पत्थर का उपयोग से किया गया है। यह एक विशाल मंदिर परिसर है जिसकें अंदर कई मंदिर स्थित हैं। सिटी पैलेस के अंदर स्थित इस मंदिर की दीवारें नक्काशी और चित्रों से से की गई है, जो इस मंदिर को एक देखने लायक जगह बनाते हैं। गलताजी मंदिर को अपनी वास्तुकला की वजह से जाना जाता है और इसका निर्माण महल की तरह किया गया है।
यह शानदार मंदिर किसी भी पारंपरिक मंदिर की तुलना में एक भव्य महल या ‘हवेली’ की तरह दिखता है और यह मंदिर बंदरों की कई जनजातियों के लिए जाना जाता है, जो यहां देखे जाते हैं। यह मंदिर धार्मिक भजनों और मंत्र, प्राकृतिक खूबसूरती साथ, पर्यटकों को एक शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करता है।
गलताजी मंदिर की शानदार गुलाबी बलुआ पत्थर की संरचना दीवान राव कृपाराम द्वारा बनाई गई थी जो सवाई राजा जय सिंह द्वितीय के दरबारी थे। 16 वीं शताब्दी की शुरुआत से गलताजी रामानंदी संप्रदाय से संबंधित और जोगियों के कब्जे वाले पुरी के लिए एक आश्रय स्थल रही है।
यह भी बताया जाता है कि संत गालव ने तपस्या करते हुए सौ साल तक इस पवित्र स्थान पर सारा जीवन बिताया। उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान उसके सामने प्रकट हुए और अपने पवित्र स्थान को पवित्र जल से आशीर्वाद दिया। बता दें कि इस संत या ऋषि की वंदना करने के लिए, गलताजी मंदिर का निर्माण किया गया था और उसके नाम पर इस मंदिर का नाम रखा गया। ऐस भी बताया जाता है कि इस जगह पर तुलसीदास द्वारा पवित्र रामचरित्र मानस के खंड लिखे गए थे।गलताजी मंदिर अरावली पहाड़ियों में स्थित है और घने आलीशान पेड़ों और झाड़ियों से घिरा हुआ है। मंदिर को चित्रित दीवारों, गोल छत और स्तंभों से सजाया गया है। इस पूर्व-ऐतिहासिक हिंदू मंदिर के अंदर भगवान राम, भगवान कृष्ण और भगवान हनुमान मंदिर भी स्थित हैं। जयपुर के सबसे खास दर्शनीय स्थलों में से एक इस मंदिर के परिसर प्राकृतिक ताजे पानी के झरने और सात पवित्र ‘कुंड’ या पानी की टंकियां हैं। इन सभी कुंडों में से गलत कुंड (Galta Kund) को सबसे ज्यादा पवित्र माना जाता है और यह कभी नहीं सूखता। यहां गौमुख (Gaumukh) से शुद्ध और साफ पानी बहता रहता है।
आपको बता दें कि गलतजी मंदिर अपने प्राकृतिक पानी के झरनों के लिए सबसे ज्यादा धार्मिक और पूजनीय है। इस मंदिर के परिसर में पानी स्वचालित रूप से फैलता है और टंकियों में इकट्ठा हो जाता है। इस प्राकृतिक झरने के सबसे खास बात यह है कि इसका पानी कभी नहीं सूखता जो यहां आने वाले पर्यटकों को चकित कर देता है। इसके साथ ही गलता कुंड, मंदिर परिसर में सात टंकियों में से सबसे पवित्र कुंड है। हर साल मकर संक्रांति के त्योहार के खास मौके पर इस पवित्र कुंड (Tank) में डुबकी लगाना बेहद शुभ माना जाता है।
गलताजी मंदिर राजस्थान का एक बहुत ही आकर्षक मंदिर है, जिसमें आश्चर्यजनक वास्तुकला है जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। अगर आप इस मंदिर के दर्शन करने जा रहे हैं तो इसके साथ ही आप मंदिर के दर्शनीय स्थलों की यात्रा भी कर सकते हैं। मंदिर के पास का प्रमुख दर्शनीय स्थल गलवार बाग गेट हैं जो गुलाबी रंग में एक बहुत ही अद्भुत संरचना है और गलता मंदिर परिसर में एक मुख्य मंदिर है। यहां का हनुमान मंदिर भी बेहद खास है जो अपनी अपनी वास्तुकला के लिए और यहां पाए जाने वाले बंदरों के लिए भी जाना जा सकता है। अगर आप इस जगह की यात्रा करने आ रहे हैं तो आपको हनुमान मंदिर का दौरा भी जरुर करना चाहिए।
गलताजी मंदिर के अलावा आप जयपुर में कई स्मारक, हवेलियाँ, किलों और महलों को देखने जा सकते हैं। अगर आप जयपुर शहर घूमने के लिए आ रहे हैं तो आपको जंतर मंतर, नाहरगढ़ किला, जयगढ़ किला, सिटी पैलेस, अंबर किला, सिसोदिया रानी गार्डन, हवा महल (Hawa Mahal), जल महल (Jal Mahal), बिड़ला मंदिर (Birla Mandir) और अल्बर्ट हॉल (albert Hall) को अपनी लिस्ट में जरुर शामिल करना चाहिए।
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