For News (24x7) : 9829070307
RNI NO : RAJBIL/2013/50688
Visitors - 144803076
Horizon Hind facebook Horizon Hind Twitter Horizon Hind Youtube Horizon Hind Instagram Horizon Hind Linkedin
Breaking News
Ajmer Breaking News: अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या: गमछा पंखे पर लटका मिला, सुसाइड का रूप देने की आशंका |  Ajmer Breaking News: 4 और 5 जुलाई को जयपुर में होगी ब्राह्मण फेडरेशन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक |  Ajmer Breaking News: हिला सुरक्षा व अपराध नियंत्रण को लेकर एसपी ने ली पुलिस अधिकारियों की बैठक |  Ajmer Breaking News: पुष्कर में श्रीमद्भागवत कथा का भक्ति रस महोत्सव शुरू, वाराह घाट से निकली कलश यात्रा, पुष्कर में श्रीमद्भागवत कथा का भक्ति रस महोत्सव शुरू, वाराह घाट से निकली कलश यात्रा |  Ajmer Breaking News: आना सागर व वरुण सागर के डी-सिल्टिंग महाघोटाले और वेटलैंड भूमि सीमा निर्धारण की मांग पर कोर्ट सख्त! राजस्थान सरकार के मुख्य शासन सचिव सहित 12 को नोटिस! |  Ajmer Breaking News: धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले कथित आपत्तिजनक बयान के संबंध में निष्पक्ष जाँच एवं विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने की मांग |  Ajmer Breaking News: बूढ़ी मां केअपने ही बेटों और बहुओं द्वारा की गई वित्तीय धोखाधड़ी, जालसाजी, अचल संपत्ति के अवैध हस्तांतरण/रजिस्ट्री को निरस्त करने, वृद्धाश्रम भेजने एवं उत्पीड़न के विरुद्ध कार्यवाही की मांग  |  Ajmer Breaking News: धार्मिक पर्यटन में नई ऊंचाई छूता पुष्कर, रोपवे बना आकर्षण, पुष्कर सरोवर,अरावली पर्वत श्रृंखला और पूरे शहर का सुंदर दृश्य दिखाई देता है,यह यात्रा आस्था के साथ रोमांचक अनुभव भी बन जाती है। |  Ajmer Breaking News: सनातन धर्म रक्षा संघ ने अमरनाथ यात्रा के पहले जत्थे को भगवा शॉल और माला पहनाकर किया रवाना |  Ajmer Breaking News: शहरी सेवा शिविर में त्वरित समाधान से हर चेहरे पर खुशी, बढ़ता जनविश्वास बना सफलता की पहचान,शहरी सेवा शिविर-2026 : आमजन को त्वरित राहत, प्रशासन के प्रति बढ़ा विश्वास | 

अंदाजे बयां: यू लव अजमेर बट अजमेर हेट्स यू - सुरेन्द्र चतुर्वेदी

Post Views 81

August 16, 2019

*यू लव अजमेर बट अजमेर हेट्स यू*

*हाँ अजमेर तुमसे नफ़रत करता है*


           *(पूरा पढ़ें और सोचें)*


        *सुरेन्द्र चतुर्वेदी*


"आई लव अजमेर" का नारा लगाने वाले इस शहर को..... कौन कितना प्यार करता है.... इस विषय पर मैं आज का ब्लॉग लिखने जा रहा हूँ।मेरे हिसाब से अजमेर ख़ुद भी अपने आप से प्यार नहीं करता और तो उसे  क्या करेंगे❓ बेसहारा! लाचार !किस्मत का मारा !अजमेर ख़ुद अपने आप से शर्मिंदा है। क्या राजनेता ,क्या सरकार, क्या अधिकारी, क्या समाज सेवी संस्थाएं ,सभी ने अजमेर के साथ जो सलूक किया उसे भुलाया नहीं जा सकता ।अजमेर के  ज़ख़्मों को नमक छिड़कने के बाद अब" आई लव अजमेर "...का नारा उछाला जा रहा है। हरामी लोगों का जमावड़ा अजमेर के ज़ख़्मों को नाखून से खुरच रहा है।   

     रोज शहर के चौराहों पर महापुरुष  खड़े किए जा रहे हैं ।अजमेर यू.आई.टी .के पूर्व चेयरमैन ओंकार सिंह लखावत ने अपने कार्यकाल में  अपने योग्य चारण होने का परिचय देते हुए तारागढ़ की पहाड़ी पर सम्राट पृथ्वीराज  की प्रतिमा स्थापित करवाई थी।आठ फ़ीट क़द के पृथ्वी राज को उन्हीने मात्र चार फीट के टट्टू नुमा घोड़े पर बैठा  दिया। इतने बड़े शूरवीर का अपमान देख कर अजमेर रोयेगा नहीं तो क्या करेगा❓ 

       एक समय था जब नगर परिषद ने महाराणा प्रताप का स्मारक बनाने की योजना बनाई थी ।उस समय ज़िला कलेक्टर टी.आर.वर्मा हुआ करते थे। नगर परिषद के आयुक्त लंफट ,बदमाश  और भृष्ट  आयुक्त विष्णु दत्त व्यास  हुआ करते थे। नर हरि शर्मा प्रशासक थे।इन सब ने मिल कर महाराणा प्रताप का स्मारक जयपुर रोड की पहाड़ी पर बनाने का फैसला किया। सभी लोग अपनी-अपनी पत्नियों को लेकर  मुम्बई ऐश करने गए और एक मूर्ति बनाने वाली फर्म को लाखों रुपए का एडवांस भुगतान कर आए।मेरे पास इसके सबूत हैं।बाद में  राणा प्रताप की मूर्ति और  स्मारक कागजों की कब्र में दफन होकर रह गया। मूर्ति बनाने वाली कंपनी लगभग 4 लाख रुपये  हजम कर गई ।ये रहा "आइ लव अजमेर"का एक किस्सा।

    लोग हर काल मे अजमेर को  प्यार करने का ढोंग करते हुए उसके जख्मों पर तेजाब छिडके जा रहे हैं। यही वजह है कि अजमेर उनसे नफ़रत करता है ।नफरत करता है उन लोगों से जो पृथ्वी राज को टट्टू पर बैठा   देते हैं ।नफरत करता है उन सरकारों से जो आती हैं अजमेर को जीम कर चली जाती हैं । कोई सरकार अजमेर को बसाने वाले राजा के बारे में सवाल नहीं पूछती....कोई बात नहीं सोचती... पृथ्वीराज अजमेर के आखिरी शासक थे। मैं उनको नमन करता हूँ।उनके स्मारक बनाए जाने पर भी ख़ुश हूँ मगर क्या अजमेर को प्यार करने का ढोंग करने वाले उन कमीनों से ....अजमेर यह बात पूछ सकता है कि उसे बसाया किसने था❓किसने  जन्म दिया था अजमेर को❓

     बहुत कम लोग होंगे जिनको यह पता होगा कि अजमेर को बसाने वाले राजा पृथ्वी राज नहीं थे।वो *अर्णोराज* थे। वो *अर्णोराज* ही थे जिन्होंने आनासागर  बनवाया था। 

    आज कौन सा राजनेता है ,जो उनकी जयंती मनाता है। उनके स्मारक बनता है ।नगर निगम शहर में जगह-जगह चौराहों पर महापुरुषों की मूर्तियां लगवा रही है मगर किसने आज तक अजमेर को बसाने वाले *अर्णोराज* की मूर्ति बनवाई ❓     ये सवाल मैं नहीं पूछ रहा है।अजमेर पूछ रहा है। साढ़े चार लगाकर  आनासागर या पुष्कर घाटी पर सेल्फी पॉइंट बनाने वाले चालक और धूर्त लोग ...अफ़सर ...क्या ये सोचते हैं कि उनसे अजमेर प्यार करने लगेगा।

     आज किसी स्कूल का नाम, किसी अस्पताल का नाम,किसी चौराहे के नाम,किसी इमारत का नाम    *अर्णोराज*  के नाम से नहीं जुड़ा।क्या अजमेर ऐसे अहसान फरामोशों की निकम्मी फ़ौजों से प्यार करेगा❓      


   अपने  पिता के साथ इस निकम्मी पीढ़ी  के एक नेता ओंकार सिंह लखावत ने और भी  शर्मनाक बात की। ओंकार सिंह लखावत ने अपनी जिंदगी का सबसे शर्मनाक काम  ये किया कि अजमेर के पिता की डेढ़ फीट की मूर्ति आनासागर  चौपाटी पर बना दी।

   इतना घटिया काम अजमेर  को प्यार करने के नाम पर किया गया। हाँ में सर्छ कह रहा हूँ।आप चाहें तो चौपाटी पर जाकर देख सकते है।वहां मीरा बाई और *अर्णोराज* की डेढ़ डेढ़ फीट की मूर्तियां "आई लव अजमेर  "....कहने वालों को रोने के लिए बुला रही हैं। जसके लिए   पदम श्री डॉ सी.पी देवल अक्सर कहते सुनाई पड़ते हैं....


*देख्यो रे देख्यो ,अजमेरा थारो राज,

पौन बिलात की मीरा बाई,डेढ़ बिलात को अर्णोराज* 



 लखावत ने आनासागर की चौपाटी पर मीरा जी और  अर्णोराज को मात्र डेढ़ फुट की मूर्ति बनवाकर ही कर्तव्य पूरे कर लिए। जिसने अजमेर को जन्म दिया  क्या ये उस महान राजा का अपमान नहीं था❓ वो चाहते तो सम्राट पृथ्वीराज के साथ अर्णोराज की भव्य मूर्ति भी बनवा सकते थे। मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया ।उन्होंने क्या उनसे पहले या बाद में आज तक भी किसी ने नहीं किया।  कितने ही  सांसद आए गए,कितने ही


© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved