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March 6, 2018
एक सवाल कलेक्टर गौरव गोयल महोदय जी से।
आजकल शहर में शादियों की बहार है।हर तरफ मौज मस्ती का माहौल है।
इस आलम में एक चीज है जो बेहद खटकती है।
वह है तेज आवाज में बजने वाले डीजे साउंड की।
पिक-अप वैन में लगे ये बड़े बड़े डीजे बजते हुए जब घर के पास से गुजरते हैं तो खिड़कियों दरवाज़ों के कांच लरज़ जाते हैं।कान को तो खैर नुकसान पहुंचाते ही हैं।
गोयल साहब देश का आम नागरिक जागरूक नहीं है इतना ही नहीं वह भीरु भी है। वह कभी शिकायत नहीं करता।मेरे जैसा कोई व्यक्ति अगर शिकायत भी करता है तो:-
अभी 3-4 दिन पहले पड़ौस में शादी थी।रात को 11 बजे डीजे फुल्ल आवाज़ में बजना शुरू हुआ मैंने मौके की नजाकत को समझा और 100 पर फोन कर दिया। चौकी से फोन आया लोकेशन पूछी और मुझे कहा गया आते हैं। पर 15 मिनट तक कोई नहीं आया।दोबारा फोन किया तो सिपाही ने कहा कोई काम आ गया था अभी आ रहे हैं। दस मिनट बाद सिपाही का फोन आया कि साब सब पिये हुए हैं धुत होकर नाच रहे हैं मैं आवाज़ कम करवा रहा हूँ थोड़ी देर में बन्द कर देंगे।
वो दिन 2 बजे बाद बन्द हुआ जबकि आज्ञा केवल 10 बजे तक ही है वह भी 80 डेसिबल तक की साउंड में।
ये जो डीजे बजते हैं इनकी साउंड तय सीमा से 10-15 गुना तेज़ होती है।
इसलिये कलेक्टर महोदय इस नियम के पालन और जनता को सुकून पहुँचाने का बीड़ा आपको ही उठाना पड़ेगा।
गोयल साहब मेरा एक सुझाव है शहर भर से इन डीजे का रिकॉर्ड मंगवाओ और या तो इन्हें ज़ब्त करो पाबन्द करो कि 10 बजे तक ही वह भी 80 डेसिबल तक की ही साउंड में ये बजाएंगे।
80 डेसिबल कितना होता है इसकी इनको जानकारी दी जाये।
ये जो डीजे हैं ये या तो घरों में बजते हैं या बारातों में।इसलिये इनका बैन होना ज़रूरी है।
धन्यवाद।
राजेन्द्र सिंह हीरा
अजमेर
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