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July 26, 2017
कोटा.
अब विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को स्वच्छता के लिए भी रैंक मिलेगी। कौन सा कैंपस कितना साफ. सुथरा है। सफाई और हरियाली के लिए क्या-क्या नवाचार हुए हैं। इसे जांचने के लिए एक टीम आगामी अगस्त में दौरा करेगी। स्वच्छता के लिए कुल 100 नंबर में से 80 प्रतिशत अंक परिसर को साफ रखने के लिए और 20 प्रतिशत हरियाली और गांव गोद लेने के मिलेंगे।
मानव संसाधन मंत्रालय ने स्वच्छता प्रोग्राम जारी किया है। इसके तहत सभी विवि व उच्च शिक्षण संस्थानों की स्वच्छता रैकिंग तय की जाएगी। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को इस प्रोग्राम में शामिल होने के निर्देश दिए हैं, जिसकी अंतिम तिथि 30 जुलाई निर्धारित की गई है।
यह होंगे आधार
यूजीसी ने स्वच्छता रैकिंग तय करने के लिए कुछ बिन्दु तय किए हैं। जिन विवि एवं कॉलेजों की रैकिंग अव्वल रहेंगी, उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। संस्थानों से आवेदन मिलने के बाद अगले माह टीम भेजकर जांच कराई जाएगी। रैकिंग की फाइनल सूची सितंबर के पहले सप्ताह में जारी होगी।
वीडियोग्राफी भी होगी
अगस्त में टीम निरीक्षण के लिए कॉलेज या यूनिवर्सिटी पहुंचेगी। टीम सभी बिंदुओं के आधार पर निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेगी। इसकी वीडियोग्राफी भी होगी। इसे आगामी सत्रों से नेक की ग्रेडिंग की तरह अनिवार्य किए जाने पर विचार किया जा रहा है।यह बिन्दु होंगे
कैंपस के भीतर छह कार्यों के लिए 80 अंक
शौचालय कितने साफ -सुथरे, पानी-साबुन की क्या व्यवस्था?
कचरे के निस्तारण का क्या सिस्टम?
अपशिष्ट निपटारे के लिए कौन सी नई तकनीक अपनाई?
जलापूर्ति पाइप लाइन की क्या स्थिति?
कॉलेज या यूनिवर्सिटी का किचन कितना साफ?
कैंपस में हरियाली के लिए क्या कदम उठाए?
कैंपस के बाहर दो कार्यों के लिए 20 अंक
क्या संस्थान ने कभी कोई गांव गोद लिया, यदि हां, तो क्या-क्या काम किए?
सफाई को लेकर कोई जागरूकता अभियान चलाया, यदि हां, तो क्या परिणाम रहे?
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