Post Views 831
July 23, 2017
उदयपुर - भारतीय किसान संघ की अखिल भारतीय बैठक शनिवार से उदयपुर में शुरू हुई। राजस्थान कृषि महाविद्यालय परिसर में शुरू हुई तीन दिवसीय बैठक के पहले दिन अखिल भारतीय कार्यकारिणी ने गत 6 माह के कार्यों की समीक्षा हुई। साथ ही आगामी 6 माह के लिए प्रस्तावित कार्ययोजना पर मंथन हुआ। रविवार को अखिल भारतीय प्रबंध समिति के पदाधिकारियों के साथ होनी है।
भारतीय किसान संघ के चित्तौड़ प्रांत के महामंत्री प्रवीण सिंह चौहान ने बताया कि बैठक की शुरुआत में कार्यकारिणी ने देश में किसान आंदोलन की समीक्षा की। इसमें सामने आया कि किसानों का आक्रोश ने स्वत: ही आंदोलन का रूप ले लिया।
इसकी वजह सरकारों की किसानों के प्रति उदासीनता रही है। विशेष रूप से राजस्थान में सरकार की शुरुआती उदासीनता को रेखांकित किया गया। सामने आया कि सरसों, मूंगफली, चना एवं मूंग का समर्थन मूल्य को सरकारें टालती रही। किसान भ्रमित होता चला गया। तीन दिनों तक चले महापड़ाव के बीच सरकार किसानों की परीक्षा लेती रही। आंदोलन की रणनीति पर सरकार ने सकारात्मक रवैया अपनाया।
मध्यप्रदेश किसान आंदोलन पर भी चर्चा
बैठक में मध्यप्रदेश में हुए किसान आंदोलन पर भी चर्चा हुई। इसके बाद मध्यप्रदेश सरकार की ओर से मूल्यांतर भुगतान की घोषणा और एक हजार करोड़ के प्रावधान की भी सराहा गया। मध्यप्रदेश सरकार ने प्याज, मूंग का बड़े पैमाने पर क्रय किया। भुगतान समस्या का भी समाधान किया गया। वहां और भी किसान हितैषी सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। समीक्षा का दौर रविवार को भी यथावत रहेगा।
© Copyright Horizonhind 2025. All rights reserved