Post Views 01
October 24, 2026
जयपुर। पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत राजस्थान के नौ शहरों के लिए 1,150 इलेक्ट्रिक बसें स्वीकृत हो चुकी हैं, लेकिन अब तक इनमें से 250 ई-बसें ही राज्य को मिली हैं। जयपुर को अब तक 103 ई-बसें मिली हैं। राज्य सरकार की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक योजना के तहत शुरुआत में प्रदेश के आठ शहरों के लिए 675 ई-बसें स्वीकृत हुई थीं, जिनकी संख्या अब बढ़ाकर 1,150 कर दी गई है। यानी 475 बसें अतिरिक्त मंजूर हुई हैं।
सबसे ज्यादा 550 बसें जयपुर के लिए
स्वीकृत बसों में सबसे ज्यादा 550 जयपुर के लिए हैं। जोधपुर को 125, अजमेर और कोटा को 100-100, बीकानेर को 75 और भीलवाड़ा, अलवर, उदयपुर व सीकर को 50-50 ई-बसें मिलनी हैं। स्वीकृत 1,150 में से 900 बसें अभी आनी बाकी हैं।
| शहर | स्वीकृत ई-बसें |
|---|---|
| जयपुर | 550 |
| जोधपुर | 125 |
| अजमेर | 100 |
| कोटा | 100 |
| बीकानेर | 75 |
| भीलवाड़ा | 50 |
| अलवर | 50 |
| उदयपुर | 50 |
| सीकर | 50 |
| कुल (9 शहर) | 1,150 |
जयपुर में 58 बसें बगराना डिपो से चल रहीं
जयपुर को मिली 103 बसें जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) को दी गई हैं। इनमें से 58 बसों का संचालन बगराना डिपो से हो रहा है, जबकि बाकी 45 बसें टोडी डिपो से जल्द शुरू की जाएंगी। बजट घोषणा 2025-26 के तहत जयपुर के लिए बाकी 450 ई-बसें और 50 डबल डेकर ई-बसें लेने की प्रक्रिया जेसीटीएसएल कर रहा है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ई-बस में सफर करते हुए। (फाइल फोटो)
ई-बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और दूसरे सुरक्षा उपकरण लगे हैं। सरकार का कहना है कि इनसे वरिष्ठ नागरिकों, विद्यार्थियों, दिव्यांगजनों और महिलाओं के लिए सफर सस्ता, आरामदायक और सुरक्षित होगा।
तीन नए डिपो के लिए जमीन आवंटित
जयपुर में बगराना, टोडी मोड़ और सांगानेर में ई-बसों के लिए डिपो बनाए गए हैं। इसके अलावा गोनेर के पास रलावता, अजमेर रोड पर खटवाड़ा और दिल्ली रोड पर अचरोल में डिपो के लिए राज्य सरकार जमीन आवंटित कर चुकी है। बस डिपो में चार्जिंग और बिजली से जुड़े ढांचे के लिए 60 करोड़ रुपए से ज्यादा और डिपो के सिविल ढांचे के लिए 53 करोड़ रुपए से ज्यादा की राशि केंद्र सरकार ने स्वीकृत की है।प्रदेश में ई-बसों की शुरुआत 20 जून को हुई थी, जब मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर में 29 और भीलवाड़ा में 18 ई-बसों को हरी झंडी दिखाई थी।
© Copyright Horizonhind 2026. All rights reserved