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October 2, 2026
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को Flydubai के भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल पर बात की और उनकी बहादुरी, सूझबूझ तथा संयम की सराहना की। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूरा देश उनके स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है और उनके लिए महामृत्युंजय जाप भी किया जा रहा है।कैप्टन स्मित 30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 में हुई घटना के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार सह-पायलट ने कथित रूप से कॉकपिट में उन पर हमला कर विमान का नियंत्रण लेने की कोशिश की थी। इजरायली अधिकारियों ने इसे विमान को गिराने की कोशिश बताया। घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिसके बाद क्रू और यात्री हस्तक्षेप कर सके। विमान को करीब एक घंटे बाद सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतार लिया गया। उसमें 174 यात्री और आठ क्रू सदस्य सवार थे।
‘भारतीय जान लेने नहीं, बचाने के लिए जान जोखिम में डालते हैं’
प्रधानमंत्री ने बातचीत में कहा कि स्मित के साहस और सूझबूझ ने कई जिंदगियां बचाने में मदद की। उन्होंने कहा कि भारत गर्व से यह कह सकता है कि भारतीय दूसरों की जान लेने वाले नहीं, बल्कि दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले लोग हैं।एक दिन पहले भी प्रधानमंत्री ने कैप्टन स्मित को ‘हीरो’ बताते हुए कहा था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने का संकल्प नहीं छोड़ा।
‘मुश्किल में हनुमान चालीसा पढ़ता हूं’
कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि मुश्किल समय में वे हनुमान चालीसा पढ़ते हैं और विमान में हुई घटना के दौरान भी लगातार इसका पाठ कर रहे थे।उन्होंने कहा कि गंभीर चोट लगने के बाद एक समय उन्हें लगा कि यदि वे तुरंत उठकर कुछ नहीं करेंगे तो स्थिति और बिगड़ सकती है। अपने 17 साल के उड़ान अनुभव और 11 साल से कैप्टन होने का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि उन्हें महसूस हो रहा था कि विमान तेजी से नीचे जा रहा है। इसके बाद उन्होंने पूरी ताकत लगाकर कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की।

उस उड़ान में क्या हुआ — घटनाक्रम एक नजर में।
बातचीत के दौरान भावुक हुए कैप्टन
बातचीत के दौरान स्मित भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से बात होना उनके लिए गर्व का क्षण है और उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि ऐसी परिस्थिति में प्रधानमंत्री उनसे व्यक्तिगत रूप से संपर्क करेंगे। प्रधानमंत्री ने उनकी मां गीताबेन और पिता भूपेंद्रभाई का भी जिक्र किया और परिवार के संस्कारों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देश उनके स्वस्थ होकर लौटने का इंतजार कर रहा है।
अबू धाबी के अस्पताल में भर्ती, हालत स्थिर
कैप्टन स्मित फिलहाल अबू धाबी के अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। घटना के बाद उन्हें पहले तबूक के अस्पताल ले जाया गया था और बाद में बेहतर इलाज के लिए यूएई शिफ्ट किया गया। संयुक्त अरब अमीरात में भारत के राजदूत दीपक मित्तल ने अस्पताल में उनसे और उनके परिवार से मुलाकात की और बताया कि उनकी हालत स्थिर है तथा मनोबल अच्छा है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अबू धाबी स्थित दूतावास और दुबई स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं और परिवार को आवश्यक सहायता दी जा रही है।
नेतन्याहू और ट्रम्प ने भी की तारीफ
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित की बहादुरी की सराहना करते हुए कहा कि घायल होने के बावजूद उनके प्रयासों से यात्रियों और क्रू को हस्तक्षेप करने का मौका मिला। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी उन्हें ‘हीरो’ बताया था।
टेक्सटाइल इंजीनियरिंग से कॉकपिट तक
कैप्टन स्मित मूल रूप से गुजरात से हैं और मुंबई में रहे हैं। उन्होंने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी और पारिवारिक कारोबार से जुड़ने की तैयारी में थे। एक एविएशन सेमिनार के बाद उन्होंने रास्ता बदला और पायलट बने। Flydubai से जुड़ने से पहले वे स्पाइसजेट में उड़ान भरते थे और 2022 में Flydubai पहुंचे।घटना की परिस्थितियों और सह-पायलट की कथित मंशा की जांच जारी है। शुरुआती तौर पर अलग-अलग दावे सामने आए हैं, इसलिए अंतिम तस्वीर संबंधित जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी।
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