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June 22, 2026
जयपुर। राजस्थान में आतंकवाद निरोधी दस्ते यानी एटीएस ने मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले इनपुट के आधार पर जयपुर के वाटिका क्षेत्र से एक महिला को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार महिला की पहचान बबीता धाकड़ उर्फ खदीजा के रूप में हुई है। उस पर पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क और प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित संपर्क रखने के आरोप हैं।
एटीएस के अनुसार महिला मूल रूप से सवाईमाधोपुर जिले की रहने वाली है और वर्तमान में जयपुर के वाटिका क्षेत्र में अपने पिता के साथ रह रही थी। बताया जा रहा है कि वह अपने पति से काफी समय से अलग रह रही थी। रविवार को कार्रवाई करते हुए एटीएस ने उसे हिरासत में लिया और बाद में UAPA एक्ट के तहत गिरफ्तार किया।
एटीएस के एसपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित रूप से जुड़ी बबीता नाम की महिला को UAPA के तहत गिरफ्तार कर 7 दिन के रिमांड पर लिया गया है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित संगठनों से संपर्क और ऐसी गतिविधियां, जो राष्ट्र की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं, जांच के दायरे में हैं।
प्रारंभिक जांच में महिला की सोशल मीडिया गतिविधियों और डिजिटल संपर्कों को लेकर कई गंभीर संकेत मिलने की बात सामने आई है। एटीएस सूत्रों के अनुसार महिला की मित्र सूची में ऐसे अकाउंट पाए गए हैं, जिन पर जैश-ए-मोहम्मद और अन्य आतंकी संगठनों से संबंधित सामग्री शेयर की गई थी। इसके अलावा व्हाट्सएप गतिविधियों में पाकिस्तानी और विदेशी नंबरों से बातचीत के संकेत भी मिले हैं।
एटीएस अब यह जांच कर रही है कि महिला केवल ऑनलाइन संपर्क में थी या उससे आगे किसी प्रकार की सक्रिय भूमिका भी निभा रही थी। जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि जिन विदेशी नंबरों से बातचीत हुई, उनका संबंध किन व्यक्तियों या संगठनों से है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कुछ नंबर आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों के हो सकते हैं, लेकिन इसकी पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी।
एसपी मनीष त्रिपाठी के अनुसार महिला ने अपने डिजिटल डेटा को काफी हद तक मिटाने का प्रयास किया है। ATS अब तकनीकी माध्यमों से इस डेटा को रिकवर करने की कोशिश कर रही है। डिजिटल डेटा की रिकवरी के बाद संपर्कों, बातचीत, सोशल मीडिया गतिविधियों और संभावित नेटवर्क को लेकर अधिक स्पष्ट जानकारी मिलने की उम्मीद है।
जांच में यह बात भी सामने आई है कि महिला की पाकिस्तान जाने की इच्छा थी। ATS के अनुसार उसके धर्म परिवर्तन कराने के प्रयासों की बात भी प्रारंभिक स्तर पर सामने आई है। हालांकि एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि यह अभी जांच का विषय है कि महिला वास्तव में धर्म परिवर्तन कर चुकी थी या ऐसा करवाने की कोशिश की जा रही थी। इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि बाकी है।
एटीएस इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर प्रकरण मानते हुए जांच आगे बढ़ा रही है। महिला के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और विदेशी संपर्कों की विस्तृत जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि क्या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा थी या उसे ऑनलाइन माध्यम से प्रभावित किया गया था।
मामले में मिलिट्री इंटेलिजेंस से प्राप्त इनपुट को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां यह देख रही हैं कि महिला के संपर्क केवल सोशल मीडिया तक सीमित थे या भारत विरोधी गतिविधियों से जुड़ी कोई ठोस योजना भी थी। यदि जांच में प्रतिबंधित संगठनों से सक्रिय संपर्क या सहयोग के प्रमाण मिलते हैं, तो मामले में और गंभीर धाराएं और कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल महिला को 7 दिन के रिमांड पर लेकर ATS पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी डिजिटल डेटा की रिकवरी और विदेशी संपर्कों की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई तय करेगी। पूरे मामले पर सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है और जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
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