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June 22, 2026
जयपुर। राजस्थान की उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप यानी SOG ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। SOG ने लीक पेपर पढ़कर परीक्षा देने के आरोप में अभ्यर्थी मनीष दाधीच को गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार चल रहा था।
अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस SOG विशाल बंसल ने बताया कि RPSC के तत्कालीन सदस्य बाबूलाल कटारा द्वारा लीक किए गए प्रश्नपत्र को पढ़कर परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी मनीष दाधीच को गिरफ्तार किया गया है। SOG के अनुसार मनीष ने अपने भाई पुरुषोत्तम दाधीच और संदीप कुमार लाटा के जरिए लीक पेपर हासिल किया था।
आरोप है कि बाबूलाल कटारा द्वारा उपलब्ध कराए गए प्रश्नपत्र और उत्तर परीक्षा से पहले मनीष दाधीच तक पहुंचे थे। इन्हीं प्रश्नपत्रों और उत्तरों को पढ़कर उसने उप निरीक्षक भर्ती परीक्षा-2021 की लिखित परीक्षा दी। SOG अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरी कड़ी में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
जांच में सामने आया कि मनीष दाधीच ने लिखित परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त किए थे। उसने हिंदी विषय में 200 में से 170.08 अंक और सामान्य ज्ञान में 200 में से 158.69 अंक प्राप्त किए थे। हालांकि इंटरव्यू में न्यूनतम निर्धारित अंक नहीं मिलने के कारण उसका अंतिम चयन नहीं हो सका।
SOG इससे पहले इस मामले में मनीष दाधीच के भाई पुरुषोत्तम दाधीच और संदीप कुमार लाटा को गिरफ्तार कर चुकी है। पुरुषोत्तम दाधीच को 2 जून 2025 और संदीप कुमार लाटा को 4 जून 2025 को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया था कि दोनों आरोपियों ने लीक पेपर प्राप्त कर अपने परिचित अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले पढ़वाया और उन्हें लिखित परीक्षा में अनुचित लाभ पहुंचाया।
दोनों आरोपियों के खिलाफ 31 जुलाई 2025 को कोर्ट में आरोप पत्र भी पेश किया जा चुका है। वर्तमान में पुरुषोत्तम दाधीच और संदीप कुमार लाटा सुप्रीम कोर्ट से जमानत पर बाहर हैं। दोनों अपने-अपने विभागों में निलंबित चल रहे हैं।
SOG के अनुसार मनीष दाधीच गिरफ्तारी से बचने के लिए लंबे समय से फरार था। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक SOG की ओर से 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। आखिरकार SOG ने उसे 19 जून को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद मनीष दाधीच को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 23 जून 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। रिमांड अवधि के दौरान SOG उससे लीक पेपर प्राप्त करने की पूरी श्रृंखला, भुगतान, संपर्कों और अन्य अभ्यर्थियों की भूमिका को लेकर पूछताछ करेगी।
SI भर्ती परीक्षा-2021 पेपर लीक मामला राजस्थान के सबसे चर्चित भर्ती घोटालों में शामिल रहा है। इस मामले में अब तक कई अभ्यर्थियों, सरकारी कर्मचारियों, दलालों और परीक्षा से जुड़े नेटवर्क के लोगों की भूमिका सामने आ चुकी है। SOG लगातार इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
जांच एजेंसी का मानना है कि लीक पेपर केवल सीमित लोगों तक नहीं रहा, बल्कि इसे विभिन्न माध्यमों से कई अभ्यर्थियों तक पहुंचाया गया। ऐसे में SOG उन सभी लोगों की पहचान कर रही है, जिन्होंने लीक प्रश्नपत्रों से लाभ उठाया या उन्हें आगे प्रसारित किया।
मनीष दाधीच की गिरफ्तारी को SOG की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। अब जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि मनीष ने किन लोगों से संपर्क किया, पेपर किस माध्यम से मिला और क्या इस मामले में अन्य अभ्यर्थियों या सहयोगियों की भूमिका भी सामने आती है।
फिलहाल आरोपी पुलिस रिमांड पर है और SOG उससे गहन पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस गिरफ्तारी से SI भर्ती पेपर लीक मामले की कौन-कौन सी नई कड़ियां सामने आती हैं।
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